धानाचूली (नैनीताल)। ग्रामीणों को बेहतर सुविधा देने के लक्ष्य को लेकर तत्कालीन भाजपा सरकार ने 2008-2009 में प्रत्येक पट्टी क्षेत्र में धारी ओखलकांडा के सभी राजस्व गांव के सेंटर में पटवारी चौकियां बनाई गई थी। लेकिन तहसील क्षेत्र की कई चौकियां बनने के बाद मात्र एक-दो साल तक ही खुली अधिकांश चौकियां बंद हैं। धानाचूली की पटवारी चौकी में पिछले कई साल से ताले नहीं खुले है। ऐसे में बाहरी लोगों के सत्यापन का अभियान पूरा नहीं हो सका। ग्रामीणों ने बताया कि पटवारी यहां कभी नहीं बैठते हैं। ऐसे में दूरदराज से पहुंचने वाले ग्रामीणों को पटवारी चौकी के बजाय धारी तहसील के चक्कर काटने पड़ते हैं। धारी में भी पटवारी के न मिलने पर बैरंग लौटना पड़ता है। यही स्थिति ओखल कांडा ब्लॉक की भी है ग्रामीणों की मांग है कि प्रत्येक पटवारी हफ्ते में तीन चार दिन अपनी पटवारी चौकी में बैठे ताकि ग्रामीणों के काम आसानी से हो सके। एसडीएम धारी रेखा कोहली ने बताया कि तहसील क्षेत्र में एक-एक पटवारी के पास दो तीन चौकियों का काम है पटवारियों को अन्य शासकीय कार्य सौंपे जाते हैं। ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पटवारी हफ्ते में दो या तीन दिन चौकी में बैठे।