भाबर के सिडकुल सिगड्डी ग्रोथ सेंटर स्थित एक फैक्ट्री गेट पर बिना सूचना दिए ताला लगा देख वहां कार्यरत श्रमिक और कर्मचारी भड़क उठे। श्रमिकों ने मौके पर जमकर हंगामा काटा और बिना सूचना के कंपनी को बंद करने के आरोप में पुलिस प्रशासन को तहरीर दी। कहा कि फैक्ट्री बंद करने से 300 श्रमिक और कर्मचारी बेरोजगारी के कगार पर हैं। सूचना मिलते ही एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने फैक्ट्री न खुलने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
श्रमिक अंकिता रतूड़ी, तनुजा नेगी, सुरभि डबराल, पूजा पंवार, कुुुुसुम रावत, विपिन नेगी, देवेंद्र कुमार, अजय ध्यानी, राजेश रतूड़ी व अनिल रावत ने बताया कि शनिवार सुबह जब श्रमिक और कर्मचारी रोज की तरह कंपनी पहुंचे तो गेट पर ताला देखकर चौंक गए। श्रमिकों ने जब सिक्योरिटी गार्ड से ताला खोलने को कहा तो उसने बताया कि कंपनी मालिक ने गेट पर ताला लगाने को कहा है और किसी को भी कंपनी के अंदर आने के लिए मना किया है।
कंपनी के गेट पर श्रमिकों और कर्मचारियों की भीड़ एकत्रित होने की सूचना पाते ही कलालघाटी पुलिस चौकी प्रभारी सुरेश कुुमार सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंच गए।
कंपनी के जीएम राजेश श्रीवास्तव, एचआर नेहा माहेश्वरी, एकाउंटेंट संजय रावत व अजय निषाद ने पुलिस को बताया कि उन्हें भी फैक्ट्री मालिक की ओर से कंपनी बंद करने के बारे में कोई नोटिस नहीं दिया गया है। गार्ड ने बताया कि कंपनी मालिक की ओर से एक नवंबर, 2016 को एक पत्र श्रम विभाग में भेजा गया था, जिसमें कंपनी को आर्थिक नुकसान होने के कारण कभी भी बंद करने की बात कही गई है। चौकी इंचार्ज एसके सिंह ने तीन दिन में जांच कर मामले के लिए जिम्मेदार व्यक्ति से श्रमिकों और कर्मचारियों की वार्ता कराने का आश्वासन दिया।
प्रशासन की ओर से मौके पर पहुंचे प्रभारी तहसीलदार हरिमोहन खंडूड़ी, राजस्व उपनिरीक्षक चित्र सिंह रावत और देवकीनंदन नौटियाल ने श्रमिकों और कर्मचारियों की बात कर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। एबीवीपी के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सौरव नौडियाल ने प्रशासन को चेताया कि यदि कंपनी नहीं खुलवाई गई तो संगठन उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।