लैंसडौन। महिलाओं ने श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी के रूप में मनाते हुए नाग देवता की पूजा की। नाग पंचमी की परंपराओं के अंतर्गत रविवार रात्रि महिलाओं ने खाना बनाकर रखा और दूसरे दिन सोमवार को खाया। वहीं, सोमवार को नाग देवता की पूजा भी की। रस्सी (जेवड़ी) में सात गांठ लगाकर प्रतीकात्मक सांप बनाते हुए उसे पट्टे में रखा। जल, कच्चा दूध, बाजरे का आटा, घी, लड्डू का भोग लगाया। मोठ, रोली, बाजरा, चावल, पूड़ी, हलवा, पूए नाग देवता पर चढ़ाए। इस मौके पर महिलाओं ने नाग देवता की कथा भी सुनी।