बैंक अधिकारियों और पुलिस के तमाम प्रयासों के बावजूद बैंक खाताधारक ठगों के हाथों लुट रहे हैं। मनाही के बावजूद खाताधारक अज्ञात कॉलर को गोपनीय जानकारी दे रहे हैं। ऐसे ही एक मामले में एसएसबी के एक जवान के बैंक खाते से 30 हजार रुपये उड़ा लिए गए।
क्षेत्र में बैंक ग्राहकों से ठगी के दर्जनों मामले हो चुके हैं। इसे देखते हुए पुलिस और बैंक अधिकारी ग्राहकों से सजग रहने की अपील करते रहते हैं, बावजूद शातिर लोग किसी न किसी तरह से बैंक ग्राहकों को लूट रह बृहस्पतिवार को एसएसबी का एक जवान कोतवाली में शिकायत लेकर पहुंचा।
उसके खाते से किसी ने तीन बार में 30 हजार रुपये निकाल लिए। जबकि एटीएम कार्ड व पास बुक सभी उसी के पास थे। उसने बताया कि उसके फोन पर कॉल आई कि उनका आधार कार्ड और एटीएम से लिंक किया जा रहा है।
इसके लिए आधार कार्ड और एटीएम कार्ड नंबर बताने होंगे। उसने कॉलर पर विश्वास करते हुए दोनों कार्ड के नंबर बता दिए। इसके बाद उसके फोन में ओटीपी आया। कुछ देर बाद दोबारा कॉल आई, तो उसने कॉलर को ओटीपी बता दिया। इसके बाद अलग-अलग वक्त उसके बैंक खाते से 30 हजार रुपये विड्राल के मैसेज आए। पता चला कि उसके खाते से शॉपिंग हो रही है। तब उसका माथा ठनका और वह कोतवाली पहुंचा, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। जिस नंबर से कॉल आई, वह स्विच ऑफ था।
कोई भी बैंक गोपनीय जानकारी के लिए ग्राहकों को कॉल नहीं करता है। अज्ञात लोगों के साथ बैंक की जानकारी शेयर नहीं करनी चाहिए। कई बार लोगों को बताया जाता है। फिर भी लोग झांसे में आ जाते हैं। दिक्कत यह है कि ठगी करने वाले फर्जी आईडी से सिम लेते हैं। उनको पकड़ना मुश्किल हो जाता है।
-जितेंद्र चौहान, पुलिस उपनिरीक्षक श्रीनगर