आर्य समाज कोटद्वार की ओर से आयोजित दिव्य सत्संग समारोह के पांचवें दिन बरेली से पहुंचे स्वामी श्रद्धानंद ने समाज में नारी का स्थान व योगदान को महत्वपूूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि जहां महिलाओं की पूजा होती है, वहां देवता निवास करते हैं। जहां महिलाओं का सम्मान नहीं होता है, वहां किए गए अच्छे कर्म भी निष्फल हो जाते हैं। कहा कि भारतीय जन-जीवन की मूल धुरी नारी ही है। नारी पिता और पति का घर दो परिवारों को रोशन करती है। उन्होंने लोगों से सदैव महिलाओं का सम्मान करने की अपील की। इस अवसर पर आर्य समाज के वरिष्ठ उपप्रधान आशुतोष वर्मा, महेश वर्मा, कमल, अनिल बत्रा, अजय ग्रोवर, राजेंद्र, सुखदेव, सुशील गुप्ता, आंनद प्रकाश अग्रवाल और शशि सिंघल आदि मौजूद थे।