सिंचाई विभाग की लापरवाही ने नगर निगम के चार वार्डों के किसानों के माथे पर चिंता की लकीर खींच दी है। दो माह से दाईं खोह सिंचाई नहर क्षतिग्रस्त होने के कारण क्षेत्र के खेतों में पानी नहीं आ रहा है, जिससे गेहूं की फसल सूखने की कगार पर है।
सिद्धबली के पास से आने वाली दाई खोह नहर से नगर निगम क्षेत्र के बालासौड़, हरिसिंहपुर, कौड़िया, बलभद्रपुर आदि क्षेत्रों के खेतों में सिंचाई होती है। गत दिसंबर में गाड़ीघाट के पास दाईं खोह नहर का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के कारण क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था ठप हो गई है।
किसान नेता पातीराम ध्यानी, विद्यादत्त गौड़, मदन रावत, विजय ध्यानी, संजय रावत ने सिंचाई विभाग पर खेतों के लिए पानी उपलब्ध नहीं कराने का आरोप लगाया। कहा कि दो महीने से नहर क्षतिग्रस्त हो रखी है, लेकिन सिंचाई विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठा है। कहा कि खेतों में गेहूं की बाली निकलने वाली है,ऐसे में अगर खेतों को पानी नहीं मिला तो फसल खराब हो सकती है। उधर, सिंचाई विभाग के जेई केके राज ने बताया कि नहर का पुश्ता टूट गया था, जिसकी मरम्मत कराई जा रही है।