क्षेत्र के जंगलों में चारों ओर धधक रही आग और पेयजल किल्लत ने ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ा दी है। जंगल की आग से बढ़ी तपिश, धुआं और गांव की ओर बढ़ी आग से लोग परेशान हैं, वहीं क्षेत्र में अनियमित पेयजल आपूर्ति से लोग हलकान हैं।
कई दिनों से क्षेत्र के सिविल व आरक्षित वन क्षेत्र में आग धधक रही है। दीवारेंज धुमाकोट के रिजर्व वन क्षेत्र में कई स्थानों पर आग धधक रही है। सिविल वनों में भी आग लगने से आबादी क्षेत्र में फैल रही आग खतरा बनती जा रही है। चीड़ के पेड गांव के आबादी क्षेत्र में होने से लोगों के घर-आंगन तक आग का खतरा बना हुआ है। बढ़ती गर्मी और जंगलों में लगी आग से मन्यागैरी पेयजल स्रोत, काफलागैरी जलस्रोत, बाडाडांडा जलस्रोत, नारदबांज जलस्रोत आदि में पानी की कमी से कोचियार पेयजल योजना, रूंडाली पेयजल योजना, डोबरियालसार पेयजल योजना प्रभावित होने से पीने के पानी की किल्लत बढ़ती जा रही है।
विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों का कहना है कि स्रोतों में जलस्तर की कमी से पेयजल का संकट बना हुआ है। नैनीडांडा की ब्लॉक प्रमुख रश्मि पटवाल ने विभागीय अधिकारियों को यथासंभव पेयजल योजनाओं की देखरेख व मरम्मत कर लोगों को पेयजल आपूर्ति सुलभ कराने के निर्देश दिए हैं।