नगरपालिका के ट्रंचिंग ग्राउंड में जैविक-अजैविक कचरे की छंटनी कर जैविक खाद बनाने की महत्वकांक्षी योजना में अब मद्रासी समुदाय के कूड़ा बीनने वाले लोग सहयोग करेंगे। निकाय कर्मियों की मनाही के कारण कूड़ा बीनने वाले लोगों को रोजगार मिल गया है। नगरपालिका उन्हें कचरा छांटने के काम पर लगाएगी, इसके लिए नगर पालिका उन्हें बाकायदा छह हजार रुपया मासिक मानदेय देगी।
बीते सप्ताह नगरपालिका के निकाय कर्मियों ने ट्रंचिंग ग्राउंड में कचरे की छंटाई करने से बीमारी फैलने का हवाला देते हुए इंकार कर दिया था। इसके चलते ट्रंचिंग ग्राउंड में जैविक और अजैविक कचरे की छंटाई बंद हो गई थी।
नगरपालिका की जैविक खाद बनाने वाली योजना पर संकट आ गया था। नगरपालिका के सफाई निरीक्षक के प्रयासों ने कूड़ा-कचरा छांटने वाले लोगों की तलाश की गई। इसमें काशीरामपुर तल्ला में कुष्ठ आश्रम के पास रह रहे घर-घर कूड़ा बीनने वाले मद्रासी समुदाय के लोगों को तैयार किया गया। नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी अमरजीत कौर ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर कूड़ा बीनने में चार लोगों को लगाया गया है। उन्हें छह हजार रुपया प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा।