11.5 किमी सड़क के सुधारीकरण की डीपीआर केंद्र सरकार को भेजी
यमकेश्वर/कोटद्वार। कफोल-काटल-बुधौली मोटर मार्ग पर 15 किमी सड़क का 25 साल बाद भी डामरीकरण नहीं हो पाया है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे बने हैं और सुरक्षा दीवारें भी क्षतिग्रस्त हैं। इससे यमकेश्वर और द्वारीखाल ब्लॉक के दो दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है। सड़क की बदहाली के कारण लोगों को 22 किमी अतिरिक्त सफर करना पड़ रहा है।
वर्ष 2000 में लोनिवि दुगड्डा ने कफोल-काटल से चुब्यानी तक करीब 11 किमी सड़क का निर्माण किया था। वहीं, वर्ष 2002 में नालीखाल की ओर से तिमली से चुब्यानी तक 10 किमी सड़क का कटान किया गया। इससे बिजनी से नालीखाल तक सड़क संपर्क जुड़ गया था। इस मार्ग की कुल लंबाई 61 किमी है और इससे दो दर्जन से अधिक गांव जुड़े हैं।
कफोल-काटल से बुधौली तक करीब 15 किमी सड़क कच्ची है, जबकि बुधौली से नालीखाल तक डामरीकरण हो चुका है। ऋषिकेश से बिजनी, नैल और तिमली होते हुए सार गांव की दूरी करीब 66 किमी है। लेकिन सड़क की बदहाल स्थिति के कारण ग्रामीणों को दिउली-कांडी-नालीखाल होकर करीब 88 किमी का सफर तय करना पड़ता है। क्षेत्रवासी व टैक्सी संचालक जगपाल सिंह नेगी, पप्पू, अखिलेश सिंह और रूपा सिंह का कहना है कि जर्जर सड़क पर वाहन भी खराब हो रहे हैं। खराब सड़क के कारण यात्रियों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
पहले बुधौली से कफोल-काटल तक 13.5 किमी सड़क के सुधारीकरण की डीपीआर बनाई गई थी लेकिन केंद्र सरकार के मानकों के अनुरूप नहीं होने के कारण इसे निरस्त कर दिया गया। इसके बाद आबादी और सड़क संबंधी मानकों के आधार पर 11.5 किमी हिस्से के सुधारीकरण के लिए नई डीपीआर तैयार कर भारत सरकार को भेजी गई है।
-विकास चौधरी, एएई, पीएमजीएसवाई खंड कोटद्वार