कोटद्वार तहसील की पट्टी सीला के भदाली वल्ली गांव में भूमाफिया पर अवैध बयनामा तैयार कर जमीन अपने नाम करवाने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। भदालीखाल में धरना-प्रदर्शन के साथ ही ग्रामीणों ने फर्जी बयनामा तैयार करने के मामले में तहसील और राजस्व कर्मियों कर्मचारियों की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है एसएसपी और सीएम समाधान पोर्टल में शिकायत के बाद भी पुलिस मामले में आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं कर रहीं है।
मंगलवार को दुगड्डा ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम रोहणी निवासी अतुल बौंठियाल अपने साथियों के साथ भदालीखाल पहुंचे और यहां आमरण अनशन शुरू कर दिया। अनशनकारी अतुल बौंठियाल ने कहा कि उनकी पट्टी सीला के भदाली गांव में पुश्तैनी जमीन है। भूमाफिया ने तहसील कर्मचारियों की मिलीभगत से सहखाताधारक संतोष, जीत, किरण, सुशील, गणेश, सूखी, कृष्णचंद आदि की पुश्तैनी जमीन का अवैध बयनामा तैयार कर भूमि अपने नाम करा ली। उन्होंने कहा कि बयनामा में दर्शाई गई दिशाएं भी गलत हैं। आरोप लगाया कि तहसील कर्मियों की मिली भगत से सहखाता धारकों को बिना नोटिस तामिल किए ही दाखिल खारिज भी कर दिया गया। तामिल नोटिस में सहखाता धारकों के हस्ताक्षर भी फर्जी हैं। उन्होंने कहा कि मामले में वह गत डेढ़ साल से आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग करते आ रहे हैं। इसके लिए वह एसएसपी और सीएम समाधान पोर्टल में भी शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक मामले में उनकी एफआईआर दर्ज नहीं होती, तब तक उनका आमरण अनशन जारी रहेगा। उनके समर्थन में संजय रावत, विकास रावत, पंकज रमोला, आदित्य बौंठियाल, अंकित बौंठियाल आदि ने धरना दिया।