विकासखंड दुगड्डा के ग्राम पंचायत केष्टा के अंतर्गत निर्माणाधीन स्यालनी-खलेक तीन किमी मोटर मार्ग के निर्माण में घटिया गुणवत्ता का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने नाराजगी जताई है। ग्रामीणों की ओर से मामले की शिकायत यमकेश्वर की विधायक से की है। विधायक के निर्देश पर विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों के साथ निर्माणाधीन सड़क का निरीक्षण किया, जिसमें सड़क पर बने स्कबर आवाजाही लायक नहीं पाए गए।
केष्टा के पूर्व प्रधान राजेंद्र प्रसाद केष्टवाल, बीडीसी सदस्य प्रकाश चंद्र कंडवाल और भाजपा नेता चंडी प्रसाद कुकरेती ने बताया कि खलेक गांव को सड़क से जोड़ने के लिए नाबार्ड के तहत तीन किमी सड़क को मंजूरी मिली। सड़क के निर्माण के लिए ग्रामीण निर्माण विभाग (आरडब्लूडी) को कार्यदाई एजेंसी बनाया गया है। विभाग की ओर से प्रथम चरण में कराए गए सड़क के कामों में घटिया गुणवत्ता पाई गई है। दर्जनभर स्कबर का निर्माण किया गया है, लेकिन इन स्कबर के लेंटर वाहनों की आवाजाही लायक नहीं है। चेतावनी दी है कि यदि सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया और गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया, तो ग्रामीण मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग के लिए आंदोलन करेंगे। ग्रामीण भास्कर बलूनी, दीपक चंद्र डोबरियाल, बीरेंद्र प्रसाद, मोहनलाल, पीतांबर दत्त बलूनी, पूर्व प्रधान सतेश्वरी देवी का कहना है कि सड़क और स्कबर निर्माण में घटिया गुणवत्ता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एई योगंबर कटारिया का कहना है कि खलेक मार्ग पर द्वितीय चरण का काम चल रहा है। स्कबर समेत जो भी कमियां ठेकेदार के कार्य में पाई जाएगी। उन्हें ठीक कराया जाएगा।