कोटद्वार। पीएमजीएसवाई की स्यालनी-जौरासी मोटर मार्ग निर्माण के दौरान ग्रामसभा स्यालनी और जौरासी में अधिग्रहित की गई नापखेत की भूमि के एवज में मिलने वाले मुआवजे के आकलन के लिए ग्रामीणों के अनुरोध पर राजस्व विभाग और कार्यदायी संस्था पीएमजीएसवाई के अधिकारियों ने मंगलवार को पुन: क्षेत्र में पहुंचकर काश्तकारों के संशय का निराकरण किया।
दोनों विभागों की टीम ने देर शाम तक स्यालिनी मुख्य बाजार से लेकर जौरासी मल्ली के नौपानी जलस्रोत को आगे तक की भूमि की नापजोख कर ग्रामीणों के संशयों को दूर करने का प्रयास किया। जौरासी के पूर्व प्रधान चंडी प्रसाद कुकरेती ने बताया कि विशेष परिस्थितियों में विभागीय टीम को देर रात को वापस जाना पड़ा। उससे आगे ग्वाड़ तोक तक के शेष भाग की नाप जोख भी जल्द ही की जाएगी।
इस संबंध में संबंधित काश्तकारों को पहले ही सूचित कर दिया जाएगा। उन्होंने सभी काश्तकारों से अपने हित लाभों को अतिशीघ्र सुरक्षित करने के लिए अगले 15 दिनों के भीतर खाता खतौनी की नकल, बैंक पासबुक आधार कार्ड की छाया प्रति, दो पासपोर्ट साइज फोटो, अधिग्रहित खेत का एक पोस्ट कार्ड साइज फोटो, सह खातेदारों का अनापत्ति प्रमाणपत्र, पट्टी पटवारी से अधिग्रहण किए गए खेत का खसरा नंबर, खेत नंबर का रकवा प्रमाणपत्र, शपथपत्र एवं आवेदन पत्र विभागीय अधिकारियों को उपलब्ध कराने की अपील की है। उन्होंने बताया कि राजस्व विभाग और कार्य संस्था के अधिकारियों की टीम प्रभावित काश्तकारों के साथ मौका-मुआयना कर अधिग्रहित खेतों का प्रतिकर मुआवजा पहले ही तैयार कर चुकी है। जिन काश्तकारों और उनके सह खातेदारों को मुआवजे को लेकर किसी भी प्रकार का कोई संदेह था, उनकी संतुष्टि के लिए दोनों विभागों के अधिकारियों की संयुक्त टीम को मौके पर बुलाकर पुन: नापजोख कर उनके संशयों को दूर करने का प्रयास किया गया।