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ग्रामीणों ने कड़ी मेहनत से बनाई तीन किमी सड़क

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यमकेश्वर ब्लाक के ग्रामसभा बूंगा के वीर काटल गांव में पुलिया के निर्माण में जुटे ग्रामीण। - फोटो : KOTDWAR
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बूंगा गांव में ग्रामीणों ने प्रवासियों की मदद से 34 दिन की कड़ी मेहनत के दम पर साढ़े तीन किमी सड़क बनाई। वहीं 55 दिन में सात साल पहले आपदा में बहा पुल बनाकर प्रदेश सरकार और विभागीय अधिकारियों को आइना दिखाया है।
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रिटायर्ड फौजी व क्षेत्र पंचायत सदस्य बूंगा सुदेश भट्ट ने सबसे दुर्गम गांव वीर काटल को सड़क से जोड़ने के लिए ग्रामीण लॉकडाउन में गांव लौटे प्रवासियों के साथ बैठक कर श्रमदान से सड़क बनाने का बीड़ा उठाया। युवाओं ने 34 दिन तक तपती गर्मी मे कड़ी मेहनत कर गांव तक सड़क पहुंचाकर दम लिया। गांव को मोहन चट्टी और ऋषिकेश से जोड़ने वाला पुल जो कि वर्ष 2013 के आपदा में बह गया था, उसके निर्माण के बिना यह उपलब्धि अधूरी थी। सुदेश भट्ट ने एक बार फिर ग्रामीणों के साथ बैठक कर श्रमदान से पुल का निर्माण कराने की ठानी। 55 दिन की कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने पुल तैयार किया। यमकेश्वर में पर्यटन केंद्र के रूप में पहचान रखने वाले मोहन चट्टी से गांव की दूरी महज साढ़े तीन किमी है, लेकिन मूलभूत सुविधाओं के अभाव में वीर काटल अत्यधिक दुर्गम व पिछड़े क्षेत्रों में शामिल है।
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