ठांगर-गाजसेरा मोटर मार्ग से जुड़े गांव अब जल्दी सड़क से जुड़ सकेंगे। सैकड़ों ग्रामीणों को अब मुख्य मार्ग तक आने के लिए पैदल दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। वन विभाग और लोक निर्माण विभाग द्वारा ज्वाइंट सर्वे किया जा रहा है। मोटर मार्ग के बनने से एक दर्जन से अधिक गांवों को लाभ मिलेगा। साथ ही इस मार्ग के बनने से ऋषिकेश व हरिद्वार आने जाने के लिये एक विकल्प मार्ग भी बनेगा।
वर्ष 2010 में लक्ष्मणझूला-काण्डी-दुगड्डा मोटर मार्ग पर ठांगर-गाजसेरा मोटर मार्ग का कार्य शुरू किया गया था। 3.50 किमी. मोटर मार्ग के लिये 98.17 लाख रुपये की स्वीकृति मिली थी लेकिन मार्ग के 800 मीटर क्षेत्र में वन भूमि होने और उस पर कई पेड़ आने के कारण मार्ग का कार्य बीच में ही रोक दिया गया था।
शनिवार को वन दारोगा सुरेश चंद्र मदवाल, फोरेस्टर प्रेम सिंह नेगी और लोक निर्माण विभाग से सर्वेयर मोहन सिंह, जेई आशुतोष शर्मा, ग्राम प्रधान सीला आशीष रतूड़ी की मौजूदगी में वन विभाग व लोक निर्माण विभाग की टीम ने मार्ग का सर्वे कर मार्ग में आने वाले साल और चीड़ के पेड़ों का चिन्हिकरण किया। इस मार्ग के बनने से ऋषिकेश व हरिद्वार आने जाने के लिये एक विकल्प मार्ग भी बनेगा। वन दारोगा मदवाल ने बताया कि जल्दी ही वन निगम से पेड़ों के काटने के टेंडर निकाले जाएंगे। पीडब्लूडी के जेई आशुतोष ने बताया कि पेड़ों के कटते ही मार्ग पर कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।