कोरोना वॉरियर घोषित नहीं करने से नाराज बीरोंखाल ब्लाक के ग्राम प्रधानों ने कोविड कार्यों का बहिष्कार शुरू कर दिया है। जिस कारण प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना संक्रमण के खिलाफकमर कस ली है। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की ओर से राजकीय पॉलीटेक्निक बीरोंखाल को कोविड सेंटर में तब्दील कर दिया है।
ग्राम प्रधानों का कहना है कि कोविड कार्यों के बहिष्कार के कारण ग्राम पंचायतों में क्वारंटीन सेंटर नहीं बनाए गए हैं। प्रवासी सीधे अपने घरों में पहुंचकर गांव में खुले आम घूम रहे हैं। वे लोग शादी समारोह समेत सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी शामिल हो रहे हैं। बीरोंखाल के प्रधान संघ के अध्यक्ष ओमपाल बिष्ट ने बताया कि पिछले साल कोरोनाकाल में ग्राम प्रधानों ने अपनी क्षमताओं से बढ़कर और जान पर खेलकर कोरोनाकाल में सरकार को पूर्ण सहयोग किया था, लेकिन सरकार ने उनका कोई ध्यान नहीं दिया। न तो उनको कोरोना वॉरियर्स घोषित किया और न ही उनका बीमा कराया गया। जब टीकाकरण की बारी आई तो भी प्रधानों को टीकाकरण से वंचित रखा गया। पूर्व में क्वारंटीन सेंटरों के रखरखाव में खर्च किया गया पैसा खर्च भी नहीं दिए जाने पर उन्होंने रोष जताया। उधर, बीरोंखाल के प्रभारी चिकित्साधिकारी शैलेंद्र रावत ने बताया कि प्रधानों ने कोविड कार्यों का बहिष्कार किया है। कोरोना के बढ़ते प्रकोप की रोकथाम के लिए बीरोंखाल के राजकीय पॉलीटेक्निक को 30 बेड के कोविड सेंटर में तब्दील करने की तैयारी कर ली गई है। जहां पर चिकित्सक, स्वास्थ्य कर्मियों का स्टाफ, ऑक्सीजन सहित सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। ब्लाक के किसी भी मरीज में कोविड लक्षण पाए जाने पर उसे यहां भर्ती कर उसका कोरोना उपचार किया जाएगा।