पौड़ी नगर मुख्यालय की सड़कों पर मांगों के लिए जुलूस निकालते जिले के ग्राम प्रहरी।
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सरकार ने आठ सालों से गांवों में अपनी सेवा दे रहे ग्राम प्रहरियों के कर्तव्यों एवं दायित्वों का निर्धारण तो कर दिया किंतु आज तक उनके लिए उचित मानदेय की व्यवस्था तक नही की गई है। इससे आक्रोशित प्रहरियों ने अपनी सात सूत्रीय मांगों के लिए नगर में जुलूस प्रदर्शन कर आयुक्त व सचिव को ज्ञापन भेजा है।
सात सूत्रीय मांगों के लिए जिले के ग्राम प्रहरी यूनियन ने स्थानीय बस अड्डे से रामलीला मैदान तक जुलूस प्रदर्शन कर आक्रोश व्यक्त किया, जिसके बाद यूनियन की रामलीला मैदान में बैठक संपन्न हुई। प्रांतीय अध्यक्ष रामलाल टम्टा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में ग्राम प्रहरियों ने सात सूत्रीय मांग पत्र तैयार कर जिलाधिकारी के माध्यम से आयुक्त व सचिव राजस्व परिषद् को भेजा।
इस मौके पर ग्राम प्रहरियों ने कहा कि सरकार ने उनके कर्तव्यों एवं दायित्वों का निर्धारण कर उन्हें बहुउद्देश्य कर्मी तो बना दिया किंतु उनके मानदेय पर विचार नही किया है, जिससे ग्राम प्रहरियों में सरकार की इस उपेक्षापूर्ण नीति के खिलाफ आक्रोश व्याप्त है। कहा कि उन्हें 1200 रुपये जो मानदेय दिया जाता है वह भी समय पर नही मिलता है। उन्होंने मांग की है कि होमगार्ड व पीआरडी के जवानों की तर्ज पर उन्हें भी मानदेय दिया जाय।
इसके साथ ही आपदा सहायक प्रशिक्षण के लिए आयु सीमा कम की जाय। ज्ञापन में प्रहरियों ने भत्ता व सामाजिक सुरक्षा का लाभ दिये जाने की भी मांग की है। जुलूस प्रदर्शन करने वालों में भगत सिंह, वसुदेव रावत, राम प्रकाश, कल्याण सिंह, सुनील कुमार, सत्ये सिंह व सीआईटीयू के देवा नंद नौटियाल शामिल थे।