महर्षि कण्व सांस्कृतिक कला मंच दुर्गापुर की ओर से दुर्गापुर में रामलीला का मंचन शुरू हो गया है। कलाकारों ने पहले दिन नारद मोह लीला, रावण तप आदि का मंचन किया। नारद मोह लीला देखकर दर्शक भावविभोर हो गए।
रामलीला का उद्घाटन मुख्य अतिथि कला मंच के संरक्षक एवं समाजसेवी शक्ति बड़थ्वाल ने किया। रामलीला मंचन की शुरुआत नारद मोह लीला से हुई जिसमें नारद मुनि को अपनी तपस्या पर हुए अहंकार को तोड़ने के लिए भगवान विष्णु एक मनोहर नगर की रचना करते हैं। नारद मुनि वहां पहुंचते हैं तो देखते हैं कि वहां के राजा अपनी पुत्री विश्वमोहिनी का स्वयंवर कर रहे हैं।
नारद विश्वमोहिनी को देखकर मोहित हो जाते हैं। वह भगवान विष्णु के पास पहुंच कर खुद को सुंदर बनाने की इच्छा जताते हैं। भगवान विष्णु छल से उनके पूरे शरीर को सुंदर बना कर मुख बंदर का कर देते हैं। क्रोधित नारद मुनि भगवान विष्णु को श्राप दे देते हैं। इसके बाद रावण जन्म, भगवान शिव की तपस्या कर उनसे वरदान प्राप्त करने की लीलाओं का मंचन भी किया गया। इस मौके पर भक्ति बड़थ्वाल, गिरिराज सिंह रावत, बलदेव सिंह नेगी, जगमोहन पपनैई, पार्षद सौरभ नौडियाल व कमल नेगी और जगदीश फुलारा आदि मौजूद रहे।