कृषि उत्पादन मंडी समिति के अधिकारियों ने सोमवार को यूपी से सब्जी लेकर आ रहे वाहनों को उत्तराखंड बॉर्डर पर रोक दिया। इस मौके पर अधिकारियों ने चार व्यापारियों के चालान काटे। अधिकारियों का कहना था कि व्यापारी मंडी समिति से सब्जियों और फलों की खरीद नहीं कर रहे हैं, जिससे मंडी के व्यापारी परेशान हैं। उधर, फुटकर व्यापारियों ने मंडी समिति की कार्रवाई का विरोध किया।
सोमवार को कृषि उत्पादन मंडी समिति के सचिव परमवीर और इंस्पेक्टर उमेद सिंह बिष्ट के नेतृत्व में कर्मचारी यूपी और उत्तराखंड बॉर्डर स्थित कौड़िया चेक पोस्ट पहुंचे। यहां उन्होंने यूपी से सीधे फल सब्जियां खरीदकर कोटद्वार शहर में बेचने के लिए ला रहे व्यापारियों के वाहनों को रोक लिया और उनके चालान काट डाले। फल सब्जी व्यापारियों का कहना है कि कोटद्वार मंडी समिति की अपेक्षा यूपी की मंडियों में सब्जी और फलों के दाम काफी कम हैं। ऐसे में यदि वह सीधे मंडी से फल सब्जी खरीदते हैं, तो उन्हें नुकसान उठाना पड़ेगा। मंडी समिति की सख्ती के कारण सोमवार को फल सब्जी के वाहन देरी से शहर में पहुंचे।
हालांकि मंडी समिति के सचिव परमवीर सिंह ने सब्जी व्यापारियों के आरोपों को निराधार बताया। कहा कि यूपी और यहां की मंडी के रेट में कोई अंतर नहीं है। इस संबंध में फुटकर और थोक फल सब्जी विक्रेताओं की बैठक मंगलवार को बुलाई गई है। बैठक दोपहर 12:00 बजे से आयोजित होगी।