कण्वघाटी/किशनपुर। भाबर के जशोधरपुर औद्योगिक आस्थान में करीब दो करोड़ की लागत से बनाया गया सिडकुल का भूमिगत निकासी नाला चोक हो गया है। नाले में गंदा पानी जमा होने से उठ रही दुर्गंध ने लोगों और राहगीरों की परेशानी बढ़ा दी है। वहीं, गंदगी के कारण आसपास बीमारियां फैलने का अंदेशा भी बना है। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से नाले की जल्द सफाई कराने की मांग की है।
पार्षद मनीष नैथानी समेत स्थानीय निवासी राकेश ध्यानी, उमेंद्र बडोला, अजय कुमार, बृजमोहन रावत, राजू डबराल, नागेंद्र ध्यानी, दीपक बिष्ट, रीना जखमोला, कविता देवी, सावित्री देवी और मालती बिष्ट ने बताया कि सिडकुल क्षेत्र में बरसाती और दूषित पानी की निकासी के लिए भूमिगत नाले का निर्माण कराया गया था। आरोप है कि औद्योगिक आस्थान की फैक्ट्रियों, होटलों और ढाबों का गंदा पानी व कचरा नाले में डाले जाने से यह चोक हो गया है। इससे पानी की निकासी बाधित होने के साथ आसपास दुर्गंध फैल रही है।
नाला चोक होने से बारिश के दौरान पानी और मलबा सड़कों, आवासीय क्षेत्रों और खेतों में जमा हो जाता है। जशोधरपुर-हल्दूखाता मोटर मार्ग पर जलभराव से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ती है। वहीं, खेतों में गंदा पानी जमा होने से किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। स्थानीय लोगों ने नाले की सफाई कराकर पानी की निकासी सुचारु करने की मांग की है।
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नगर निगम बनने के बाद नाले की सफाई का जिम्मा नगर निगम का है। संबंधित विभाग को अवगत करा समस्या का निराकरण कराया जाएगा।
- सन्नी चौहान, क्षेत्रीय प्रबंधक प्रबंधक सिडकुल ग्रोथ सेंटर सिगड्डी।
जेई से जल्द नाले का मौका मुआयना कराया जाएगा। निरीक्षण के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
- अजय कुमार अष्टवाल सहायक नगर आयुक्त कोटद्वार।