उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) कार्यकर्ताओं ने हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर उत्तराखंड में भू- अध्यादेश लागू करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर पदमपुर स्थित कार्यालय में धरना प्रदर्शन किया। इस मौके पर मांगों के निराकरण को राज्यपाल बेबी रानी मौर्य को ज्ञापन प्रेषित किया गया।
सोमवार को यूकेडी कार्यकर्ता पदमपुर स्थित कार्यालय में एकत्र हुए। यहां हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 2005-06 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने यूकेडी विधायकों के दबाव में बाहरी व्यक्तियों के जमीन खरीद फरोख्त के लिए 500 वर्ग मीटर का मानक निर्धारित किया था। वहीं 2007 में भाजपा सरकार में शामिल यूकेडी के दिवाकर भट्ट ने इस कानून को और सख्त बनाकर बाहरी लोगों के लिए जमीन खरीद फरोख्त की सीमा एक परिवार के लिए 250 वर्ग मीटर तय कर दी थी, लेकिन 2018 में वर्तमान भाजपा सरकार ने इस व्यवस्था को समाप्त कर जिलाधिकारियों को पर्वतीय क्षेत्र में बंजर दिखने वाली 100 बीघा जमीन उद्योगपतियों को आवंटित करने के अधिकार दे दिए। कहा कि यूकेडी शुरू से ही उत्तराखंड में धारा 371 लागू करने की मांग उठाती आ रही है। इस मौके पर मूल निवास पर स्पष्ट नीति बनाकर 1980 से पहले से उत्तराखंड में निवास कर रहे लोगों को मूल निवास प्रमाण पत्र जारी करने और हिमाचल की तर्ज पर प्रदेश में भू-अध्यादेश लागू करने की मांग की गई।
प्रदर्शनकारियों में केंद्रीय महामंत्री महेंद्र सिंह रावत, विनय भट्ट, पंकज उनियाल, शिवानंद लखेड़ा, गुलाब सिंह रावत, सुधीर कुमार, प्रवीन नेगी, संजू, सुभाष कश्यप, शशि जदली, दुर्गा काला, हरीश मोहन, देवी सिंह, कुलदीप उनियाल, मनोहर सिंह नेगी, रमेश चंद्र जदली, राकेश मोहन काला आदि शामिल रहे।