सात दिसंबर 2014 को पौड़ी तहसील के चौंरीखाल क्षेत्र में हुए कार हादसे में मारे गए चार लोगों के आश्रितों को पौने दो साल बाद भी सरकार की ओर से घोषित मुआवजा नहीं मिल सका है। इस हादसे में बीरोंखाल और धुमाकोट के चार लोग मारे गए थे। मृतक आश्रित बीरोंखाल और नैनीडांडा के निवासी हैं, जो सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटकर थक चुके हैं।
मृतक के परिजनों राजेंद्र पोखरियाल और राम सिंह रावत का कहना है मृतक आश्रित कई बार सरकार द्वारा घोषित मुआवजे के संबंध में डीएम पौड़ी और तहसील के चक्कर काट चुके हैं, लेकिन उन्हें आश्वासन देकर टाल दिया जाता है।
परिजनों का कहना है कि जो कार दुर्घटनाग्रस्त हुई थी, उसमें ये लोग समूह ग के पेपर देने श्रीनगर गढ़वाल गए थे, वापसी के दौरान रात को कार चौरीखाल के पास दुर्घटनाग्रस्त होकर गहरी खाई में जा गिरी थी। हादसे में चार लोगों ग्राम ईडा निवासी अशोक जुयाल, गियासी निवासी जयदीप नेगी, ग्राम लूठिया मल्ला निवासी गौरव सिंह और लक्ष्मी निवासी ग्राम भिड़कोट बैजरो की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी। हादसे में कार चालक देवेश गंभीर रूप से घायल हुआ था।
हादसे की खबर लगते ही मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के रूप में स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी सरकारी अस्पताल थलीसैंण पहुंचे थे और उन्होंने मुख्यमंत्री की ओर से मृतक आश्रितों को एक-एक लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की थी।
पौने दो साल बाद शासन और प्रशासन ने न तो आश्रितों की सुध ली और न ही मुआवजे के बारे में कोई जानकारी दी। पौड़ी के एसडीएम पीएल शाह ने बताया कि यह मामला काफी पुराना हो गया है, इसे दिखवाया जाएगा।