ग्रामसभा रिखेड़ा की प्रधान के घर में घुसकर मारपीट और तोड़फोड करने के मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) कोटद्वार की कोर्ट ने दो आरोपियों को दोषी पाते हुए तीन माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड जमा न करने पर एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता यजुर्वेंद्र सिंह रावत और राजकुमार इष्टवाल ने बताया कि ग्रामसभा रिखेड़ा की ग्राम प्रधान दिक्कू देवी ने राजस्व पुलिस को 25 मई, 2019 को तहरीर दी थी। कहा था कि 20 मई, 2019 की रात को ग्राम रिखेड़ा निवासी कुलदीप लखेड़ा ने सात नकाबपोश साथियों के साथ लाठी-डंडों और भालों से उनके घर में तोड़फोड़ की। प्रधान ने आरोप लगाया था कि इन लोगों ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत निर्मित शौचालय और पानी का स्टैंड पोस्ट भी तोड़ दिया। विरोध करने पर उनके साथ अभद्रता की गई और दुष्कर्म करने की धमकी दी। इन लोगों के पास एक बंदूक भी थी। पड़ोसियों ने जब बीच बचाव किया तो इन लोगों ने पड़ोसियों के साथ भी मारपीट की। राजस्व पुलिस ने आरोपी बिरेंद्र सिंह और कुलदीप लखेड़ा के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराकर आरोपपत्र कोर्ट में पेश किए। न्यायिक मजिस्ट्रेट भावना पांडेय ने कुलदीप लखेड़ा को मारपीट, गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी देने और विरेंद्र सिंह को गाली-गलौच, जान से मारने की धमकी और घर में घुसकर तोड़फोड़ में दोषी पाते हुए हर धारा में तीन माह के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया। साक्ष्य के अभाव में दोनों को अन्य मामलों में दोषमुक्त करार दिया।