वन विभाग ने कुंभीचौड़ के रतनपुर गांव में बिना अनुमति के तून के दो पेड़ काटने और उनको अवैध रूप से निकासी करने के मामले में तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए 16 डाटें जब्त कर ली। ये डाटें जिस जीप में भरकर ले जाई जा रही थी उसे भी सीज कर दिया गया है।
शुक्रवार को वन विभाग के कोटद्वार रेंज में कार्यरत डिप्टी रेंजर सतविंदर सिंह को सूचना मिली कि रतनपुर गांव में अवैध रूप से दो तून के पेड़ काटे गए हैं, जिन्हें बेचने के लिए कोटद्वार बाजार ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जीप को मुख्य मार्ग पर पकड़ लिया गया। अधिकारियों ने तून की लकड़ी से भरी जीप को रेंज कार्यालय में ले जाकर सीज कर दिया है। डिप्टी रेंजर ने बताया कि इस मामले में वीरेंद्र सिंह निवासी रतनपुर, सत्यप्रसाद निवासी काशीरामपुर और जीप चालक अनिल कुमार के खिलाफ केस दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि यह नापखेत में दो तून के पेड़ काटने का मामला है, जिसमें न तो काटने की अनुमति ली गई है, नहीं निकासी की। इसमें वृक्ष संरक्षण अधिनियम और वन संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
लॉपिंग के नाम पर काटे पेड़
श्रीनगर। जीजीआईसी में लॉपिंग के नाम पर बड़ी संख्या में पेड़ों को काटने का मामला प्रकाश में आया है। वहीं विद्यालय प्रशासन का कहना है कि परिसर में पेड़-पौधों की लॉपिंग का काम किया जा रहा है।
यहां जीजीआईसी का परिसर शोभादार, फलदार व फूलदार पेड़ों सजा रहता है। विद्यालय प्रशासन की ओर से इन्हीं की लॉपिंग का कार्य शुरू किया गया है। आरटीआई व आटीई कार्यकर्ता कुशलानाथ ने कहा कि विद्यालय परिसर में हर वर्ष शहर के विभिन्न सामाजिक संगठन पौधे लगाते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय के बच्चे पर्यावरण संरक्षण के नारे लगाते व गीत गाते हैं, लेकिन विद्यालय में ही इस तरह का काम करने से गलत संदेश जा रहा है। कुशलानाथ ने कहा कि वन विभाग को जल्द ही इसका संज्ञान लेना चाहिए। प्रधानाचार्या विमला कंडारी ने बताया कि परिसर में पेड़-पौधों की लॉपिंग का कार्य किया जा रहा है।