नैनीडांडा ब्लॉक के चमाड़ा गांव में एक बार फिर लोगों को बाघ की मूवमेंट दिखाई दी है। इसी क्षेत्र के ख्यूणाई तल्ली में रातभर बाघ के गुर्राने की आवाजें लोगों को सुनाई दीं। हालांकि वन विभाग दोनों ही ब्लॉकों के प्रभावित गांवों में बाघ की मूवमेंट नहीं दिखने की बात कह रहा है।
नैनीडांडा ब्लॉक के ग्राम पंचायत उम्टा की प्रधान लक्ष्मी देवी ने बताया कि चमाड़ा गांव में मंगलवार रात को शादी थी। न्यूतेर में शामिल होने के बाद ग्रामीण हरीश और उसका एक रिश्तेदार रात को वापस घर पहुंचे, तो आंगन में खड़े बाघ को देखकर उनके होश उड़ गए। उन्होंने शोर मचाकर किए तरह बाघ को वहां से खदेड़ा। वहीं, ख्यूणाई तल्ली में रातभर बाघ के गुर्राने की आवाजें सुनाई देती रहीं। उधर दीवा रेंज अधिकारी महेंद्र सिंह रावत ने बताया कि दोनों ब्लॉक के बाघ प्रभावित गांवों में बाघ की मूवमेंट नजर नहीं आई है। ग्रामीण गुलदार को बाघ बता रहे हैं। क्षेत्र में लगातार गश्त जारी है।
जूनियर के बच्चे गांव के प्रावि में पढ़ने को मजबूर
रिखणीखाल ब्लॉक के बाघ प्रभावित गांव जुई, अमडंडा, पडियारपाणी गांव के बच्चे अब भी बाघ की दहशत के कारण जूनियर हाईस्कूल गाड़ियूंपुल नहीं जा पा रहे हैं। शिक्षा विभाग की ओर से इन गांवों के बच्चों को प्राथमिक विद्यालय जुई में पढ़ाने की व्यवस्था की गई है। ग्राम प्रधान राजपाल सिंह ने बताया कि गांव के प्राथमिक विद्यालय में चार बच्चे पढ़ते हैं। जुई और अमडंडा से जूनियर हाईस्कूल गाड़ियूंपुल जाने वाले चार बच्चे गांव के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाई कर रहे हैं। पडियारपाणी के करीब 10 बच्चों की पढ़ाई अब भी बाधित है। इसके अलावा जीआईसी कर्तिया, जीआईसी द्वारी में पढ़ने वाले बच्चे भी घर पर ही रहने को मजबूर हैं।