कोटद्वार के सुखरो नदी में आई बाढ़ में फंसे लोगों को रेसक्यू कर सुरक्षित बाहर निकालते एसडीआरएफ के
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कोटद्वार। सुखरो नदी में पूजन करने गए तीन लोग नदी में आए अचानक उफान से नदी के बीचोंबीच फंस गए। राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) ने उफनती सुखरो और खोह नदी की बाढ़ में फंसे तीन लोगों और एक गाय को रेस्क्यू कर रस्से के सहारे सुरक्षित बाहर निकाला।
भाद्रपद माह के शुरू होने पर रविवार दोपहर में कुछ लोग सुखरो नदी में पूजा करने के लिए पहुंचे थे। पूजा के दौरान पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही मूसलाधार बारिश के कारण अचानक नदी का जलस्तर बढ़ने लगा। कुछ लोग तो नदी का रुख भांपकर नदी से बाहर निकल गए, लेकिन दुर्गापुरी और निंबूचौड़ निवासी तीन लोगों को नदी के तेज उफान ने घेर दिया। उन्होंने नदी में फंसा होने की सूचना प्रशासन को दी। इस पर नदी के उफान में फंसे लोगों को निकालने के लिए एसडीआरएफ की टीम लगाई गई।
एसडीआरएफ के एसआई विपिन बिष्ट और एसआई गब्बर सिंह नेगी ने बताया कि दोपहर एक बजे सुखरो नदी में आई बाढ़ में एक महिला समेत तीन लोगों के फंसे होने की सूचना मिली। सूचना पर एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और अपनी जान की परवाह किए बगैर तीनों लोगों को रेस्क्यू कर बाढ़ से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। उन्होंने बताया कि बचाए गए लोगों में दुर्गापुरी निवासी खुशहालमणि भट्ट पुत्र लीलानंद भट्ट, उनकी पत्नी सोनम भट्ट और निंबूचौड़ निवासी सुनील कुमार पुत्र प्रह्लाद कुमार शामिल हैं। उन्होंने बताया कि तीनों लोग पूजा करने के लिए नदी में गए थे। इस दौरान नदी का जल स्तर अचानक बढ़ने लगा और तीनों बाढ़ में फंस गए। दूसरी ओर एसडीआरएफ की टीम ने सिद्धबली मंदिर में खोह नदी स्थित पुल के समीप बाढ़ में फंसी एक गाय को भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया है।