नोट बंदी के एक माह बाद भी हालत सामान्य नहीं हो रहे हैं। बैंकों में पर्याप्त करंसी नहीं पहुंचने से पहले ही लोग परेशान थे। उस पर बैंकों की तीन दिन की छुट्टी ने लोगों की मुसीबतों को और भी बढ़ा दिया है। पैसों के जरूरतमंद लोगों को दो हजार रुपये के लिए रात दिन एटीएम में लाइन लगानी पड़ रही है।
रविवार और सोमवार का दिन लोगों पर भारी गुजरा। बैंकों में करंसी नहीं होने के कारण कोटद्वार के सभी बैंकों के एटीएम बंद रहे। लोग दिन रात बैंकों के एटीएम के चक्कर काटते रहे, लेकिन किसी बैंक ने अपने एटीएम में कैश नहीं डाला।
एक मात्र स्टेट बैंक की देवी रोड स्थित मुख्य शाखा के एटीएम में अधिकारियों ने लोगों की सुविधा के लिए पर्याप्त रुपया डालने की व्यवस्था की। इसके कारण पूरे क्षेत्र के लोग रविवार मध्य रात्रि तक और सोमवार को तड़के से करीब दो सौ मीटर लाइन लगी रही।
संदीप कुमार शर्मा, राजेंद्र प्रसाद, बरखा नेगी व कुंदन चौधरी ने कहा कि लोगों को कड़ाके की ठंड में घंटों लाइन पर लगकर मात्र दो हजार रुपये ही मिल पा रहे हैं। तीन दिन से बैंक बंद हैं। ऐसे में चेेक अथवा निकासी फार्म भरकर भी पैसा नहीं निकाला जा सकता। सरकार को बैंकों की छुट्टी के दिन एटीएम की सीमा बढ़ानी चाहिए अथवा बैंक की छुट्टी पर बैन लगाना चाहिए।