केटीआर वन प्रभाग के दक्षिणी सीमा पर वन कर्मियों ने तीन अवैध शिकारियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की जीप से 12 बोर दुनाली बंदूक, 17 जिंदा कारतूस, तीन एडवांस टॉर्च, गंडासा व चार चाकू बरामद हुए। वन कर्मियों ने तीनों पर मुकदमा दर्ज कर वाहन सीज कर लिया है। आरोपियों को कोर्ट में पेश कर न्यायायिक हिरासत पौड़ी जेल भेज दिया गया है।
केटीआर के डीएफओ प्रकाश चंद्र आर्य ने बताया कि पाखरो के रेंजर मथुरा सिंह मवाड़ी के नेतृत्व में बृहस्पतिवार रात साढ़े 10 बजे वन विभाग टीम ने गश्त के दौरान आरोपियों को पकड़ा।
डीएफओ ने बताया कि आरोपियों की पहचान सैय्यद जफ्फर याब अली जैदी निवासी मेरठ, फहीम और इंतजार दोनों निवासी बिजनौर के तौर पर हुई है। उन्होंने बताया कि मुख्य आरोपी सैय्यद जफ्फर याब अली जैदी की बढ़ापुर में 1400 बीघा भूमि है। इंतजार उसकी कोठी और खेती की रखवाली करता है जबकि फहीम भी खेती की रखवाली का कार्य करता है।
अवैध शिकार रोकने के लिए छह टीमों का गठन
कोटद्वार। दीपावली पर्व पर पटाखों की आड़ में अवैध शिकार को रोकने के लिए केटीआर में छह टीमों का गठन किया गया है। केटीआर और लैंसडौन वन प्रभाग में अलर्ट घोषित किया गया है। बिना अनुमति वन सीमा के अंदर न जाने की हिदायत दी गई है। वन कर्मियों की गश्त बढ़ा दी गई है।
केटीआर के डीएफओ प्रकाश चंद्र आर्य ने बताया कि दीपावली पर्व को देखते हुए केटीआर में अलर्ट जारी कर दिया गया है। छह टीमों का गठन कर गश्त को तेज कर दिया गया है, जिससे केटीआर में अवैध शिकार की घटनाओं को रोका जा सके।
कार्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) के कालागढ़ टाइगर रिजर्व (केटीआर) वन प्रभाग की दक्षिणी सीमा यूपी के जिला बिजनौर से सटी होने के कारण अति संवेदनशील मानी जाती है। लैंसडौन के डीएफओ दिनकर तिवारी ने बताया कि लैंसडौन वन प्रभाग कार्बेट और राजाजी नेशनल पार्क के मध्य का हिस्सा है। उनके डिवीजन में लालढांग से लेकर कोटद्वार और कोटड़ी तक मैदानी इलाके में गश्त बढ़ा दी गई है।