पौड़ी। जिला मुख्यालय पौड़ी में उत्तराखंड क्रांति दल ने स्व. अंकिता भंडारी की तीसरी बरसी पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की। इस दौरान यूकेडी नेताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार कानून व्यवस्था संभालने में असफल साबित हो रही है। उन्होंने प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग उठाई।
बृहस्पतिवार को पौड़ी में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में यूकेडी के पदाधिकारियों ने स्व. अंकिता भंडारी व बीते दिनों आत्महत्या करने वाले जितेंद्र कुमार को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान पत्रकार वार्ता में यूकेडी के केंद्रीय उपाध्यक्ष आशुतोष नेगी ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था संभालने में प्रदेश सरकार विफल हो गई है। कहा कि बीते दिनों टिहरी जिले के प्रतापनगर विधानसभा क्षेत्र में लंबगांव थाना पुलिस ने केशव थलवाल का उत्पीड़न कर उन्हें गिरफ्तार जेल भेज दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान पुलिस ने केशव के साथ मारपीट भी की।
वहीं, बीते दिनों आत्महत्या करने वाले तलसारी गांव निवासी जितेंद्र कुमार की बहन पूनम ने भी प्रदेश सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाया। अंकिता भंडारी के पिता वीरेंद्र सिंह ने सरकार द्वारा डोभ श्रीकोट स्थित नर्सिंग कॉलेज का नाम अंकिता के नाम पर नहीं होने पर नाराजगी जताई।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान प्रतापनगर विधानसभा के रहने वाले केशव थलवाल ने कहा कि वे लंबे समय से पुलिस के गलत कार्यों को सोशल मीडिया से उजागर कर रहे थे। जिस पर पुलिस ने उनका उत्पीड़न करते हुए उनके साथ मारपीट की और उन्हें झूठे केस में फंसाकर जेल भेज दिया। यूकेडी के महिला प्रकोष्ठ की केंद्रीय अध्यक्ष मेजर (सेवानिवृत्त) संतोष भंडारी ने कहा कि वह पुलिस के उत्पीड़न के मामलों को जल्द ही अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में ले जाएंगी।