11 वर्ष बाद भी नहीं बना सीला पुल, ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
तहसील व मुख्यालय जाने के लिए तय करनी पड़ रही 20 किमी. की अतिरिक्त दूरी
संवाद न्यूज एजेंसीयमकेश्वर (कोटद्वार)। यमकेश्वर ब्लॉक में आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त सीला पुल का निर्माण 11 वर्ष बाद भी नहीं हो पाया है। इससे डांडा मंडल क्षेत्र के करीब 50 गांवों के ग्रामीणों को तहसील और ब्लॉक मुख्यालय जाने में भारी दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। मंगलवार को ग्रामीणों ने टूटे पुल के सामने प्रदर्शन कर शीघ्र निर्माण की मांग की और कानूनगो चित्र सिंह के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।पूर्व जिला पंचायत सदस्य विनोद डबराल ने बताया कि ब्रिटिश शासनकाल में सतेड़ी नदी पर बना यह पुल 2014 की बाढ़ में टूट गया था। तब से ग्रामीण लगातार निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन 11 साल बीतने के बावजूद पुल नहीं बन पाया।पुल न होने से तिमल्याणी, सीला काटल, हर्षोली, फेडुवा, पणसारी, सीला, लक्ष्मीपुर, देवराणा, चमकोट, धारकोट, अमोला, रामजीवाला, बणास, किमसार आदि 50 गांवों का संपर्क तहसील व ब्लॉक मुख्यालय से कटा है। बरसात में सतेड़ी नदी उफान पर रहने से ग्रामीणों को भारी परेशानी होती है और उन्हें करीब 20 किमी अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। ग्रामीणों ने जनहित में पुल निर्माण अविलंब शुरू कराए जाने की मांग की। प्रदर्शन में प्रदीप नेगी, हरीश बिष्ट, जय बल्लभ उनियाल, महेंद्र देव बडोला, मोहन सिंह नेगी, रणजीत सिंह, मोहन सिंह बिष्ट, मनमोहन रतूड़ी, भगत सिंह, प्रमिला देवी, रतन सिंह बिष्ट, चैत सिंह बिष्ट, बसंती देवी, विक्रम सिंह, पंकज नेगी, प्रेम सिंह, विपिन नेगी, प्रभा देवी, सरला देवी, सुनीता देवी, दीपा देवी आदि शामिल रहे।