सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को नए शिक्षा सत्र में भी किताबों की कमी से जूझना पड़ेगा। नया शिक्षा सत्र शुरू होने में केवल दो दिन शेष रह गए हैं, लेकिन पांचवी कक्षा तक की एक भी किताब अब तक जिला मुख्यालय नहीं पहुंच पाई है। छठी से आठवीं कक्षा तक की तीस किताबों में से भी मात्र दस किताबें ही पहुंची हैं।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत सरकारी स्कूलों में आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को निशुल्क पाठ्य पुस्तकें वितरित की जाती हैं। प्रकाशकों के यहां से जिला स्तर पर किताबें देर से आने से इनके स्कूल तक पहुंचने में हर बार लेट लतीफी हो जाती है। छठी से आठवीं कक्षा तक की गणित, विज्ञान, योग, अंग्रेजी, विज्ञान, योग, हिंदी, अंग्रेजी, गणित और विज्ञान की किताबें ही आई हैं। आठवीं कक्षा की हिंदी की किताबें भी आधी आई हैं। जिला मुख्यालय में पहुंची ये किताबें अभी गोदाम में पड़ी हैं। लोड पूरा न होने से इन्हें बीआरसी में नहीं भेजा जा सका है। सर्व शिक्षा अभियान के जिला समन्वयक भारत भूषण परमार का कहना है जो किताबें यहां पहुंच चुकी है उन्हें जल्दी बीआरसी में भेजा जा रहा है।
कुछ किताबों में बदलेगा पाठ्यक्रम
पौड़ी। इस बार कक्षा चार की हंसी खुशी किताब, कक्षा छह, सात और आठ की प्रेरक प्रसंग की किताब का पाठ्यक्रम बदल रहा है। विभाग के अनुसार इन विषयों की पिछले साल की किताबों का उपयोग न करने के निर्देश दिए गए है। इससे लग रहा है इस बार इन किताबों में पाठ्यक्रम बदल रहा है।