कण्वघाटी। लालढांग-चिल्लरखाल मार्ग निर्माण संघर्ष समिति के बैनर तले एलीवेटेड मोटर मार्ग निर्माण कराने की मांग के लिए क्षेत्रवासियों का आंदोलन शुक्रवार को 203वें दिन भी जारी रहा। इस मौके पर धरनास्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में इस मार्ग के एलिवेटेड रोड का प्रस्ताव पास होकर धनराशि आवंटित हुई थी तो अब प्रदेश सरकार उस प्रस्ताव के अनुसार कार्य क्यों नहीं कर रही है। इससे वर्तमान सरकार की नीतियों और कमजोर इच्छाशक्ति पर सवालिया निशान उठना लाजमी है। ऐसा प्रतीत होता है कि इस रोड को बीजेपी हमेशा के लिए राजनीतिक मुद्दा बनाए रखना चाहती है। जबकि आंदोलनकारी चाहते हैं कि दिन रात आवागमन को ध्यान में रखते हुए एलिवेटेड रोड का निर्माण कराया जाए। उन्होंने सरकार पर लालढांग, कोटद्वार और गढ़वाल वासियों के प्रति सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया। इस मार्ग के निर्माण से गढ़वाल की कई लाख आबादी को राहत मिल सकती है। बशर्ते राज्य सरकार 11.5 किमी. इस सड़क पर वन्यजीव संरक्षण के साथ ही जनहित को मद्देनजर रखते हुए एलिवेटेड मार्ग का निर्माण करें। इस मौके पर देवेंद्र रावत, प्रकाश रावत, रविंद्र सौंद, नरेश धस्माना, गणेश रावत, कृपाल गुसाईं, मोहन जोशी, गोविंद काला, कल्पना जोशी आदि मौजूद रहे।