गुलदार प्रभावित गांव भतकोट समेत आसपास के गांवों में दहशत, दिन ढलते ही घरों में कैद होने को मजबूर ग्रामीण
सतपुली। पोखड़ा ब्लॉक के भतकोट गांव में चार दिन पहले चार साल की बच्ची को मारने वाला हमलावर गुलदार अभी तक वन विभाग को कहीं नजर नहीं आया है। घटना के बाद से क्षेत्रवासियों में दहशत बरकरार है। स्थिति यह है कि शाम ढलते ही लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं। वनकर्मियों की टीमें प्रभावित क्षेत्र में लगातार गश्त कर रही हैं।
ग्रामसभा गडरी (कोलागाड) के भतकोट गांव में विगत 2 अप्रैल की रात करीब 8 बजे ग्रामीण हरेंद्र सिंह की 4 वर्षीय पुत्री दृष्टि को गुलदार उस समय उठाकर ले गया था, जब वह चौखट के पास ही बैठकर खाना खा रही थी। पास ही उसकी 10 वर्षीय बहन और दादी भी खाना खा रहे थे। रात को घर से दो किमी दूर उसका क्षत विक्षत शव मिला था। घटना के बाद से भतकोट समेत निकटवर्ती गडरी, गौखंड, मयलगांव, पटोटी, धूलाछानी, कुणज, पाटिलियूं, तिमली, तिमलीखाल आदि गांवों में दहशत बनी हुई है। ग्रामीण हर्षवर्धन सिंह ने बताया कि ग्रामीण घरों से अकेले निकलने में भी डर रहे हैं। शाम ढलने से पहले ही ग्रामीण घरों में दुबक जाते हैं। घटना के बाद से महिलाएं भी खेतों व जंगल जाने से कतरा रही हैं।
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हमलावर गुलदार की मूवमेंट पर नजर रखने के लिए घटनास्थल के आसपास 15 कैमरा ट्रैप, 2 सोलर सीसीटीवी एवं 6 पिंजरे लगाए गए हैं। सोमवार को भी 16 वन कर्मियों की अलग-अलग टीमें समूहों में गश्त के दौरान गुलदार की टोह लेती रही, लेकिन कहीं भी गुलदार नजर नहीं आया।
- नक्षत्र शाह, रेंजर रेंज कार्यालय पोखड़ा।