मांग की अनदेखी किए जाने पर 21 जुलाई को दी चक्का जाम की चेतावनी
कोटद्वार। क्षेत्रवासियों ने उत्तराखंड-उत्तर प्रदेश सीमा पर कौड़िया चौराहा से दिल्ली फार्म तक क्षतिग्रस्त सड़क के गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण की मांग उठाई है। लोगों ने सोमवार को तहसील पहुंचकर इस संबंध में एसडीएम संदीप कुमार को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बताया गया कि नमामि गंगे परियोजना के तहत सीवरेज लाइन बिछाने के बाद पिछले 10 माह से सड़क की हालत बेहद खराब बनी है। पहले यह मार्ग पूरी तरह ब्लैक-टॉप था लेकिन अब सड़क पर कई जगह गहरे गड्ढे और जलभराव होने से आवागमन जोखिमभरा हो गया है। इसी रास्ते से ग्राम तेलीपाड़ा स्थित आरपी पब्लिक स्कूल के करीब 1200 छात्र-छात्राएं और विद्यालय का स्टाफ प्रतिदिन आवागमन करता है। सड़क की जर्जर स्थिति के कारण हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि लोनिवि दुगड्डा द्वारा लगाए गए इंटरलॉकिंग ब्लॉक भारी वाहनों के दबाव से टूटकर धंस गए हैं जिससे समस्या और बढ़ गई है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण के लिए संबंधित विभागों को निर्देश देने की मांग की है। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो 21 जुलाई को सुबह नौ बजे से क्षेत्रवासी चक्का जाम और अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू करेंगे।
ज्ञापन सौंपने वालों में पूर्व सैनिक संघर्ष समिति के अध्यक्ष महेंद्रपाल सिंह रावत, सैनिक कॉलोनी वेलफेयर सोसाइटी तेलीपाड़ा के अध्यक्ष मान सिंह, ताजवर सिंह, हुकुम सिंह, ताजवर सिंह भंडारी, त्रिलोक सिंह, तेलीपाड़ा की निवर्तमान प्रधान सुमन भंडारी शामिल रहे।