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Kotdwar News: आजाद भारत में बंद हुआ ब्रिटिश काल का सफर

Fri, 02 Jan 2026 05:40 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
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सैनिकों की नगरी लैंसडौन से बसों का संचालन हुआ बंद
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लैंसडौन से पौड़ी, श्रीनगर, गोपेश्वर और ग्वालदम के लिए संचालित होती थी चार बसें
लैंसडौन। राज्य स्थापना के बाद एक उम्मीद बंधी थी कि रोडवेज बस सेवाओं का विस्तार होगा लेकिन लैंसडौन से पौड़ी, श्रीनगर, गोपेश्वर, ग्वालदम के लिए संचालित चार बसों का संचालन बंद कर दिया गया। वर्ष 2001 से इन रूट पर रोडवेज बस सेवा बंद है।
ब्रिटिश सेना में रहते हुए विक्टोरिया क्रॉस विजेता दरबान सिंह, गबर सिंह के शौर्य से प्रेरित होते हुए ब्रिटिश सेना में गढ़वाली वीरों को सेना में शामिल करने की मंशा से ब्रिटिशकाल के दौरान लैंसडौन से पौड़ी, श्रीनगर, गोपेश्वर, ग्वालदम और इस रूट की ओर जाने के लिए चार बस सेवाएं शुरू की गई थी। वर्ष 2000 तक इन बसों का संचालन हुआ। वर्ष 2001 में राज्य स्थापना होने पर इन बसों को बंद कर दिया गया। अब लोगों को पौड़ी, श्रीनगर रूट पर प्राइवेट वाहन बुक करके जाना पड़ता है। इससे लोगों पर आर्थिक दबाव पड़ रहा है।
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लैंसडौन के गांधी चौक पर कोटद्वार डिपो का छह कमरों का भवन भी है। इसकी भूमि छावनी परिषद द्वारा परिवहन निगम कोटद्वार के नाम पर लीज पर दी गई है। भवन में एक कमरा चौकीदार, एक चालक-परिचलक, एक बुकिंग ऑफिस के लिए आरक्षित है। तीन अन्य कमरे हैं। यात्रियों के बैठने के लिए बरामदा भी है। वर्तमान में इसके एक हिस्से को खाद्य आपूर्ति विभाग के गोदाम के लिए दिया गया है। शेष पर रोडवेज डिपो का ताला लगा है।
सेना का प्रशिक्षण केंद्र होने के कारण जनपद पौड़ी, रुद्रप्रयाग, टिहरी, चमोली, उत्तरकाशी के अधिकांश परिवारों के लोग सेना से जुड़े हैं। गढ़वाल राइफल्स में सेना के 80 प्रतिशत लोग इन्हीं जनपदों से आते हैं। इन मार्गों के लिए रोडवेज की कोई भी बस सेवा नहीं होने से सेना में कार्यरत सैनिक व इनके परिजन परेशानी झेलते है। स्वर संस्था की सचिव लता खंडेलवाल कहती हैं कि पौड़ी-श्रीनगर रूट पर पिछले 25 वर्षों से एक भी बस का संचालन नहीं हो पाया है जबकि सैन्य बहुल क्षेत्र होने व लैंसडौन में गढ़वाल राइफल्स का मुख्यालय होने के कारण सैनिकों के परिजनों की लैंसडौन में आवाजाही निरंतर बनी रहती है।
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किसी भी संस्था या जनप्रतिनिधि का इस संबंध में कभी कोई पत्र नहीं मिला। ऐसी कोई मांग आने पर बस सेवा को लेकर विचार किया जाएगा। -अनुराग पुरोहित, एआरएम कोटद्वार।
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