संवाद न्यूज एजेंसी
दुगड्डा (कोटद्वार)। लैंसडौन वन प्रभाग की दुगड्डा रेंज के रिवाली कक्ष में साल के पेड़ों के सूखने की स्थिति का जायजा लेने वन विभाग की टीम सोमवार को मौके पर पहुंची। टीम ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर सूख रहे पेड़ों की स्थिति का अध्ययन किया और पेड़ों में कीट के संभावित प्रकोप की जानकारी जुटाई। मौके पर साल के करीब 35 पेड़ सूखे मिले।
कुछ महीनों से दुगड्डा रेंज के सीमावर्ती क्षेत्रों में साल के पेड़ों के सूखने की स्थिति बनी हुई है। 11 सितंबर के अंक में अमर उजाला ने साल के पेड़ों पर हॉफ्लो कीट का प्रकोप शीर्षक से प्रमुखता से खबर प्रकाशित की गई थी। इसका वन विभाग ने संज्ञान लिया और रेंज स्तर पर टीम गठित कर प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया गया। जांच टीम को साल के पेड़ों में किसी प्रकार के कीट की मौजूदगी नहीं मिली। विशेषज्ञों की ओर से जहां साल बोरर (हॉप्लो कीट) के संभावित प्रकोप की बात कही गई है, वहीं वन विभाग की टीम को कीट का प्रमाण नहीं मिला है। दुगड्डा के रेंजर रमेश चंद्र सिंह नेगी ने बताया कि टीम ने मौके पर जानकारी जुटाई है। कुछ पेड़ प्राकृतिक रूप से सूखे हुए पाए गए हैं। करीब 35 पेड़ सूखे मिले हैं। अन्य पेड़ों के सूखने के कारणों का पता लगाया जा रहा है।