ग्रामीण निर्माण विभाग के साथ एनएच धुमाकोट के अधिकारियों ने किया स्थलीय निरीक्षण
पीएचसी का सीएचसी में उच्चीकरण करते हुए भवन निर्माण के लिए जारी किया गया है प्रथम चरण का बजट
दुगड्डा (कोटद्वार)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण के संबंध में ग्रामीण निर्माण विभाग और एनएच धुमाकोट के अधिकारियों ने स्थलीय निरीक्षण किया। एनएच धुमाकोट के अधिकारियों ने भवन निर्माण से पूर्व एनएच धुमाकोट से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेने के निर्देश दिए।
विधानसभा क्षेत्र यमकेश्वर की विधायक रेनू बिष्ट ने मुख्यमंत्री से पीएचसी दुगड्डा के सीएचसी के रूप में उच्चीकरण की मांग की थी। पीएचसी दुगड्डा का भवन ध्वस्त कर वहां सीएचसी भवन बनाने के लिए प्रथम चरण का बजट स्वीकृत किया गया है। 18 सितंबर को इस संबंध में आदेश जारी किया गया है। गत दिनों सीएमओ पौड़ी डॉ. मेघना असवाल ने ग्रामीण निर्माण विभाग एवं प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अश्वनी कुमार से पीएचसी के संबंध में जानकारी ली थी।
शनिवार को एनएच धुमाकोट के जेई आशीष सैनी, ग्रामीण निर्माण विभाग के एई अखिल गुप्ता ने राजस्व निरीक्षक राकेश डबराल, राजस्व उप निरीक्षक देवेंद्र सिंह, प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अश्वनी कुमार के साथ निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। एनएच धुमाकोट के अधिकारियों का कहना था कि एनएच की 75 मीटर भूमि है। 24 मीटर के बाद किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य के लिए एनएच प्रशासन से एनओसी लेना आवश्यक है। एनओसी नहीं लेने की स्थिति में निर्माण कार्य नहीं कराया जा सकता है।
पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अश्वनी कुमार ने बताया कि पीएचसी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण कार्य के संबंध में प्रथम चरण का बजट स्वीकृत किया गया है। भवन का ध्वस्तीकरण भी किया जाना है। पीएचसी परिसर की कुछ भूमि एनएच धुमाकोट के दायरे में है। एनएच धुमाकोट से एनओसी लेकर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।