उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के अधिवेशन में गत वर्ष दिसंबर में अनिश्चितकालीन हड़ताल के बाद शासन से हुए समझौतों के अब तक क्रियान्वयन न होने पर आक्रोश जताया गया। महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि शासन से वार्ता के बाद भी राज्य के बाहर की एजेंसियों को कार्य आवंटित किए जा रहे हैं।
इस मौके पर हुए जिला कार्यकारिणी के चुनाव में दिनेश सिंह रावत को अध्यक्ष और चंद्रवीर सिंह को जिला सचिव चुना गया। अधिवेशन में कोटद्वार, पौड़ी और श्रीनगर इकाइयों का पुनर्गठन करते हुए चुनाव कराए गए। यहां लोनिवि निरीक्षण भवन में आयोजित जिला अधिवेशन में जिले के सभी विभागों के अभियंताओं ने शिरकत की। अधिवेशन के प्रथम सत्र में जिला अध्यक्ष इंसाफुल्ला खान की अध्यक्षता में अब तक चलाए गए कार्यक्रमों का ब्योरा रखा गया।
सदस्यों ने गत वर्ष दिसंबर में चली हड़ताल के बाद शासन से हुए समझौतों पर अमल न होने पर रोष जताया। कहा कि महासंघ राज्य से बाहर की एजेंसियों को कार्य आवंटित न करने, जल निगम का राजकीयकरण करने, पीएमजीएसवाई का कैडर स्ट्रक्चर स्वीकृत करने, स्पष्ट स्थानांतरण नीति बनाने की मांग करता आ रहा है, लेकिन शासन स्तर पर उनकी लगातार अनदेखी हो रही है।
द्वितीय चरण में महासंघ की जिला एवं शाखा इकाइयों के चुनाव कराए गए, जिसमें दिनेश सिंह रावत को जिला अध्यक्ष, चंद्रवीर सिंह को जिला सचिव, विश्वास सैनी को वित्त सचिव चुना गया। कोटद्वार शाखा इकाई के अध्यक्ष पद पर केके राज, सचिव पद पर उमाशंकर कुकरेती और वित्त सचिव पद पर मुकेश कुमार को निर्विरोध चुन लिया गया।
पौड़ी इकाई के अध्यक्ष पद पर हरीश गैरोला, सचिव पद पर संजय कुमार धीमान और विनीता थपलियाल को वित्त सचिव चुना गया। श्रीनगर इकाई के अध्यक्ष पद पर दीपक लिंगवाल, सचिव पद पर मनीषा डोभाल और विजयवीर वित्त सचिव चुने गए।