नई टिहरी। टिहरी बांध की झील का जलस्तर आरएल 828 मीटर भरने के लिए टीएचडीसी को सशर्त अनुमति मिल सकती है। दिल्ली में हुई बैठक में टीएचडीसी के सम्मुख तीन शर्तें रखी गई है, जिसका लिखित आश्वासन देने पर ही पानी भरने की अनुमति दी जाएगी। इससे पहले आरएल 827 मीटर तक पानी भरने के बाद किसी प्रकार के भूधंसाव का परीक्षण भी किया जाएगा।
टीएचडीसी को अभी तक झील का जलस्तर अधिकतम आरएल 825 मीटर तक ही रखने की अनुमति दी गई थी। 10 अगस्त को दिल्ली में हुई समिति की बैठक में टीएचडीसी ने झील का जलभराव आरएल 828 मीटर तक बढ़ाने की अनुमति मांगी है। यह मांग पूरी करने के लिए सरकार ने टीएचडीसी से तीन शर्तों का लिखित आश्वासन देने पर ही पानी भरने की अनुमति प्रदान करने की बात कही है। जिसमें टीएचडीसी को पानी भरने की स्थिति में बांध की बॉडी में जितने उपकरण लगे हैं, वह ठीक से कार्य कर रहे हैं। दूसरा यह कि जलभराव करने से कोई नुकसान होता है, तो इसके लिए वह जिम्मेदार होगी। तीसरी शर्त में जलभराव के बाद झील के दोनों ओर भूधंसाव का सर्वे किया जाएगा। इससे पहले एक सप्ताह तक झील को आरएल 827 मीटर तक भरकर भूधंसाव की स्थिति का जायजा लिया जाएगा। उसके बाद ही झील को आरएल 828 मीटर तक भरा जा सकेगा। डीएम व पुनर्वास निदेशक इंदुधर बौड़ाई ने बताया कि इस पर नजर रखने के लिए भागीरथी, भिलंगना और कोटेश्वर व मदननेगी क्षेत्र में तीन प्रबंधक तैनात किए गए हैं, जो ग्रामीणों के संपर्क में भी रहेंगे।