जिला एवं सत्र न्यायाधीश पौड़ी सिकंद कुमार त्यागी की अदालत ने साढ़े आठ साल के बच्चे के साथ कुकर्म के मामले में आरोपी को दोषी पाते हुए 10 साल के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। मामला जिले की चाकीसैंण तहसील के गांव का है।
डीजीसी अवनीश नेगी और एडीजीसी विजेंद्र सिंह रावत ने बताया कि 29 दिसंबर, 2017 को एक महिला ने चाकीसैंण तहसील में राजस्व पुलिस को तहरीर दी थी। तहरीर में महिला ने बताया था कि 25 दिसंबर, 2017 को वह गांव की महिलाओं के साथ चारा पत्ती लेने जंगल गई थी। दोपहर में स्कूल की छुट्टी होने के बाद उसका साढ़े आठ साल का बेटा घर पहुंचा। तभी पड़ोस के एक किशोर ने उसके बेटे के साथ कुकर्म किया। राजस्व पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 377 और पोक्सो की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। अभियुक्त ने कोर्ट में निवेदन किया कि अपराध करते वक्त वह नाबालिग था, उसे कम से कम सजा दी जाए। मामले में अदालत ने 13 दिसंबर को सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रखा था। मंगलवार को कोर्ट ने आरोपी को दोषसिद्ध पाते हुए सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर अभियुक्त को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। डीजीसी अवनीश नेगी ने बताया कि अभियुक्त वर्तमान में 19 वर्ष का है। 21 वर्ष की आयु होने तक उसे बाल संप्रेक्षण गृह पौड़ी में भेजा गया है। बाकी सजा वह जिला जेल में काटेगा।