राजकीय संयुक्त चिकित्सालय में बुखार और निमोनिया से पीड़ित रिखणीखाल ब्लाक के धामधार गांव की किशोरी ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा काटा और डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया। कहा कि किशोरी को समय से सही उपचार दिया होता तो उसकी मौत नहीं होती। न ही डॉक्टरों ने उसे हायर सेंटर के लिए रेफर किया। किशोरी की मौत की खबर पर भाजपा के पूर्व विधायक शैलेंद्र सिंह रावत अस्पताल पहुंचे और अव्यवस्थाओं पर जमकर भड़के।
धामधार निवासी राकेेेश चंद्र जखमोला की बारह साल की पुत्री अंजली को बृहस्पतिवार सुबह करीब नौ बजे बुखार की हालत में यहां इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। यहां कई डॉक्टरों ने उसका परीक्षण कर उपचार शुरू कर दिया, लेकिन चौबीस घंटे के अंदर अंजली ने दम तोड़ दिया। इससे परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। परिजनों के अनुसार डॉक्टरों ने उसके उपचार में घोर लापरवाही बरती। यहां तक कि उसकी हालत खराब होने पर उसे हायर सेंटर तक रेफर नहीं किया गया। सूचना मिलते ही भाजपा के पूर्व विधायक शैलेंद्र रावत अस्पताल पहुंचे और स्वास्थ्य मंत्री के गृह नगर के अस्पताल की दयनीय हालत पर जमकर बिफरे। पूर्व विधायक ने सीएमएस डॉ. आईएस सामंत और दूसरे डॉक्टरों से भी नाराजगी जताई।
अंजली को बृहस्पतिवार की सुबह यहां भर्ती कराया गया था। वह काफी दिनों से बुखार के साथ ही निमोनिया से पीड़ित थी। उसके फेफड़ों में दिक्कत थी, उसे उपचार दिया जा रहा था। उपचार में लापरवाही की बात निराधार है।
-डा. आईएस सामंत, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक राजकीय अस्पताल कोटद्वार।