परिवहन विभाग ने वाहनों के मूल ढांचे में परिवर्तन करने वाले स्वामियों को चारधाम यात्रा का परमिट नहीं देने का जो आदेश जारी किया है उस पर टैक्सी मैक्सी यूनियन ने कड़ी आपत्ति और आक्रोश जताया है। यूनियनों ने परिवहन मंत्री को ज्ञापन भेज आदेश वापस न लिए जाने की दशा में उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
वहीं, परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि टैैक्सी-मैक्सी वाहन स्वामी मूल बॉडी से छेड़छाड़ करते हैं। अधिकांश स्वामी वाहनों के पीछे सीढ़ी लगाकर छत में जाला (कैरियर) बना देते हैं, जिसका उपयोग सवारी ढोने में भी किया जाता है। इससे कई बार दुर्घटनाएं हो जाती हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जिन वाहनों को पूर्व में परमिट जारी हो चुके हैं उन्हें भी कैरियर उतारने होंगे।
वहीं, टैक्सी मैक्सी संचालकों का कहना है कि बिना कैरियर के उनके वाहनों की बुकिंग प्रभावित हो रही है। उत्तराखंड टैक्सी-मैक्सी पर्वतीय महासंघ के सचिव महाबीर बहुगुणा ने कहा कि बिना कैरियर के मैक्सी वाहनों का संचालन संभव नहीं है।
सवारियों का सामान रखने के लिए कैरियर होना आवश्यक है। बहुगुणा ने कहा कि मैक्सी संचालकों को यात्रा सीजन से काफी उम्मीद थी, लेकिन परिवहन विभाग के इस आदेश ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। मैक्सी यूनियन ने राज्य सरकार के परिवहन मंत्री को ज्ञापन भेज विभाग के इस आदेश को वापस लेने की मांग की है। आदेश वापस न लेने की दशा में यात्रा सीजन के दौरान उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
क्या है आदेश
परिवहन विभाग ने आदेश जारी कर कहा है कि यात्रा पर जाने वाले टैक्सी-मैक्सी वाहनों के कैरियर उतार दिए जाएं। तभी उन वाहनों को फिटनेस व परमिट दिया जाएगा। कैरियर उतारने के बाद ही यह वाहन यात्रियों को चार धाम यात्रा तक ले जा सकेंगे।