दुगड्डा ब्लॉक के राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय के कक्ष में पड़ी दरार।
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स्कूल की दीवारों में दरार है और छत से सामग्री झड़ती रहती है। ये हाल है पूर्व माध्यमिक विद्यालय भदालीखाल का। सुविधाएं तो दूर, इस छत के नीचे बैठकर लड़कियों को बैठकर शिक्षा ग्रहण करना पड़ रहा है।
तीन वर्षों से विद्यालय की दीवारों पर दरारें पड़ी हुई है और छत का पलस्तर झड़ रहा है। फर्श टूटने के कारण छात्राएं मिट्टी और गोबर की लिपाई से काम चला रही है। 1995-96 में दुगड्डा ब्लाक के राजकीय कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय भदालीखाल की स्थापना हुई थी। देख-रेख के अभाव में विद्यालय की हालत जर्जर होती चली गई। वर्तमान में आलम यह है विद्यालय भवन में दरारें इतनी बड़ी हैं कि उनसे आर-पार देखा जा सकता है। छत का लेंटर झड़ रहा है। वर्तमान में 28 छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही है। भदालीखाल का अधिकाशं हिस्सा भूधंसाव की जद में है।
शिक्षा समिति के अध्यक्ष दिनेश चंद्र ने शिक्षा विभाग पर बच्चों के जीवन से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। बरसात में स्थिति अतिसंवेदनशील होने से खतरा बढ़ जाता है। फर्श क्षतिग्रस्त होने से छात्र-छात्राएं गोबर-मिट्टी से लिपाई करते है। कई बार शिक्षा अधिकारियों को विद्यालय भवन की स्थिति से अवगत कराने के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही है।
उधर, खंड शिक्षा अधिकारी दुगड्डा ने बताया कि जर्जर विद्यालय का निरीक्षण करने के बाद नए भवन का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। प्रस्ताव स्वीकृत होते ही विद्यालय का नया भवन बनाया जाएगा।