खोह, लंगूरगाड, सिलगाड नदियों में गिर रहा है नालियों का पानी
जलीय जीवों के अस्तित्व पर मंडरा रहा खतरा
दुगड्डा (कोटद्वार)। नगर पालिका दुगड्डा का सीवरेज ग्रे वाटर ट्रीटमेंट प्लांट खस्ताहाल है। नगर का दूषित पानी नालियों से होते हुए खोह नदी की सहायक लंगूरगाड व सिलगाड नदी में पहुंच रहा है। इससे खोह नदी प्रदूषित हो रही है। जहां खोह नदी के जलीय जीवों के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है वहीं पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है। नगर पालिका के अधिकारियों का कहना है कि सीवरेज ग्रे वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की स्थिति सुधारने के लिए पालिका बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पारित किया जाएगा।
डेढ़ वर्ग किमी में फैले नगर पालिका दुगड्डा में चार वार्ड धनीराम बाजार, कमला नेहरू मार्ग, मोती बाजार व सुभाष बाजार है। नगर पालिका की ओर से वर्षा जल के अलावा घरों से निकलने वाला दूषित पानी व अपशिष्ट सीधे लंगूरगाड व सिलगाड नदी में गिर रहा था जिससे खोह नदी के जलीय जीव जंतुओं व मानव जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था।
वर्ष 2021 में पालिका प्रशासन की ओर से मोती बाजार, सुभाष बाजार व कमला नेहरू मार्ग वार्ड के दूषित पानी के उपचार के लिए 21.60 लाख रुपये की लागत से सिलगाड नदी के किनारे सीवरेज ग्रे वाटर ट्रीटमेंट सिस्टम की स्थापना की थी। इसमें तकनीकी खामियां आने से पिछले दो साल से वह प्रयोग में नहीं है। फिल्टर में कचरा भर जाने से नालियों से दूषित पानी सीधे नदियों में गिर रहा है। पौड़ी नेशनल हाईवे पर सिलगाड नदी में पुल निर्माण के दौरान नाली का कुछ हिस्सा ध्वस्त हो गया था जिससे नाली का पानी सीधे सिलगाड नदी में मिलने से पानी बदरंग होने के कगार पर है। इससे जलीय जीवों का अस्तित्व खतरे में है।
पालिका क्षेत्र में नदियों की स्वच्छता की योजना तैयार कर आगामी बोर्ड बैठक में रखी जाएगी। बंद पड़े ट्रीटमेंट सिस्टम व क्षतिग्रस्त नाली की मरम्मत भी की जाएगी। नगर को स्वच्छ बनाए रखने के लिए नगर पालिका प्रशासन लगातार प्रयासरत हैं।
- जीपी जोशी, अधिशासी अधिकारी पालिका परिषद दुगड्डा।