कोटद्वार-नजीबाबाद के बीच सुखरौ नदी रेलवे पुल का पिलर बहा।
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कोटद्वार-नजीबाबाद के बीच सुखरौ नदी पर बने रेलवे ब्रिज का एक पिलर शुक्रवार रात ढह जाने से कोटद्वार-नजीबाबाद के बीच सभी रेल आवागमन ठप हो गया है। समय पर सूचना मिलने से बड़ा रेल हादसा टल गया है।
शनिवार सुबह जैसे ही मसूरी एक्सप्रेस कोटद्वार के लिए चलने को तैयार हुई, तभी रेलवे को सुखरौ नदी पर रेलवे ब्रिज का पिलर ढहने और रेलवे ट्रैक तिरछा होने की जानकारी मिली। रेलवे ने अग्रिम आदेशों तक कोटद्वार की सभी रेलवे सेवाएं स्थगित कर दी हैं। रेलवे ब्रिज के दो और पिलर ढहने के कगार पर हैं। पिलर ढहने से जहां रेलवे में हड़कंप मचा है। वहीं सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुंचे मुरादाबाद मंडल के डीआरएम प्रमोद कुमार ने अधीनस्थ अधिकारियों की जमकर क्लास ली।
दो और पिलर ढहने के कगार पर
कोटद्वार से करीब छह किमी की दूरी पर स्थित सुखरौ नदी पर रेलवे का पुल बना है। नदी के उफान पर रहने और नदी में अवैध खनन के चलते यहां पुल का एक पिलर भूकटाव के चलते शुक्रवार रात ढह गया। ढहे पिलर के आमने-सामने के दो और पिलर ढहने के कगार पर पहुंच चुके हैं। इससे रेलवे ब्रिज के धराशायी होने का खतरा बना हुआ है। जानकारी कोटद्वार और नजीबाबाद के पुलिस, प्रशासन और रेलवे को दी जाने पर हड़कंप मच गया।
कई ट्रेनें की गईं स्थगित
सुबह 6:05 बजे कोटद्वार आने वाली मसूरी एक्सप्रेस स्थगित कर दी गई। इसके बाद कोटद्वार-नजीबाबाद की सभी एक्सप्रेस और पैसेंजर सेवाएं अग्रिम आदेशों तक के लिए स्थगित कर दी गई हैं। रेलवे के अधिकारियों के निर्देश पर बाकी बचे पिलरों की सुरक्षा के लिए इंतजाम करने शुरू कर दिए गए हैं। रेलवे पुल के पिलरों की मरम्मत होने तक मसूूरी और गढ़वाल एक्सप्रेस पकड़ने के लिए गढ़वाल के यात्रियों को नजीबाबाद जाना होगा।