कोटद्वार। नगर और आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों में आयोजित रामलीलाओं में अशोक वाटिका से लेकर कुंभकरण वध तक की लीलाओं का मंचन किया गया। सीता-रावण और अंगद-रावण संवाद के प्रसंगों ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
मालवीय उद्यान में चल रही रामलीला में मथुरा से आए कलाकारों ने मंचन किया। गढ़श्री रामलीला कमेटी आमपड़ाव और श्री बाल रामलीला कमेटी की रामलीला में लक्ष्मण शक्ति और कुंभकरण वध की लीला का मंचन किया गया।
भाबर के कलालघाटी में श्री ओंकारेश्वर रामलीला कमेटी की ओर से आयोजित रामलीला का शुभारंभ विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने किया। उधर, दुगड्डा में आयोजित रामलीला का शुभारंभ दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व संगठन मंत्री एवं उद्यमी विश्व मोहन बडोला और पूर्व जिला पंचायत सदस्य संदीप चौहान ने संयुक्त रूप से किया। रामलीला की शुरुआत नवदुर्गा की झांकी से हुई। इस दौरान नरेंद्र शहनाई ने ‘चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है’ भजन प्रस्तुत किया।
हनुमान ने उजाड़ डाली अशोक वाटिका
पौड़ी। सांस्कृतिक नगरी पौड़ी की ऐतिहासिक रामलीला के आठवें दिन रावण और विभीषण के बीच हुए जोरदार संवादों ने दर्शकों को बांधे रखा। विभीषण की भूमिका इंद्र मोहन चमोली, रावण की आशुतोष नैथानी ने निभाई। भावनृत्य में वैभवी ममगाईं, अदिति, आयुषी और आरुषि ने शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों की तालियां बटोरीं। हनुमान की भूमिका में पारस और मेघनाद के पात्र में अंकित नेगी के अभिनय को भी दर्शकों ने सराहा। आठवें दिन के मंचन का उद्घाटन सेवानिवृत्त एडीपीआरओ राकेश बड़थ्वाल ने किया। रामलीला समिति की ओर से व्यापार सभा अध्यक्ष विनय शर्मा, सचिव देवेंद्र रावत सम्मानित किया गया। संवाद