सरकारी विभाग मुख्यमंत्री की घोषणा को कितनी गंभीरता से लेते हैं, यह पीडब्ल्यूडी कीर्तिनगर की कार्यप्रणाली से स्पष्ट होता है। मुख्यमंत्री की घोषणा के दो वर्ष बाद भी नैथाणा-श्रीनगर मोटर पुल निर्माण के लिए मृदा परीक्षण जैसे शुरुआती महत्वपूर्ण काम तक नहीं करा पाया है। मृदा परीक्षण व डिजायन तय होने के बाद ही पुल की डीपीआर बनाई जानी है। उसके आधार बजट निर्गत किया जाना है।
विकासखंड कीर्तिनगर के बडियार व चौरास क्षेत्र के लोगों को कीर्तिनगर होते हुए आवागमन करने में करीब 6 किमी का अतिरिक्त सफर करना पड़ता है। क्षेत्रवासियों की मांग पर मुख्यमंत्री हरीश रावत ने नवंबर वर्ष 2014 में बैकुंठ चतुर्दशी मेले के उद्घाटन के दौरान पुल निर्माण की घोषणा की थी।
इसका जीओ जारी होने के बाद जून 2015 में प्रथम चरण के लिए 65.49 लाख की स्वीकृति भी मिल चुकी थी। अब दो वर्ष बाद भी विभाग पुल का डिजायन भी तैयार नहीं करा पाया है। स्थानीय निवासी टेक सिह नेगी का कहना है कि विभागीय अधिकारी पुल निर्माण को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं।
विभाग अभी मृदा परीक्षण जैसी छोटी कार्रवाई भी पूरी नहीं कर पाया है। क्षेत्रीय निवासियों ने जल्द निर्माण कार्य शुरू न किए जाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। वहीं अधिशासी अभियंता बीपी नौटियाल ने कहा कि एप्रोच मार्ग के लिए सर्वे किया गया है। पुल के डियाजन के लिए एजेंसियों से संपर्क किया जा रहा है।