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Kotdwar News: राजस्व ग्राम ऐता की कृषि जोत में खोह नदी से हो रहा भू-कटाव

Sun, 26 Apr 2026 06:05 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
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ग्रामीणों के मकानों की ओर होने लगा है भू-कटाव, नए सिरे से योजना तैयार करेगा सिंचाई विभाग
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दुगड्डा (कोटद्वार)। विकासखंड दुगड्डा के राजस्व ग्राम ऐता में खोह नदी से करीब दो दशकों से कृषि जोत में भू-कटाव हो रहा है। भू-कटाव को रोकने के लिए सिंचाई विभाग की ओर से अब नए सिरे से योजना तैयार की जाएगी।
खोह नदी के तटीय क्षेत्र में ग्राम पंचायत सिमलचौड़ का ऐता गांव स्थित है। 19वीं सदी में अस्तित्व में आए गांव की पृथक पहचान है। पूर्व में गढ़वाल की प्रमुख मंडी के रूप में ख्यातिप्राप्त दुगड्डा में पहाड़ों से आवाजाही करने वाले व्यापारियों के सामान ढोने वाले बकरियां, भेड़, घोड़े, खच्चरों के लिए पड़ाव था। खोह नदी का जलस्तर बढ़ने से विगत दो दशकों से गांव की कृषि जोत में भू-कटाव जारी है। सिंचाई के लिए निर्मित हाइड्रम योजना के आगे के हिस्से में खोह नदी के तीव्र प्रवाह से ग्रामीणों की करीब दस नाली से अधिक कृषि भूमि नदी में समा गई है।
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भू-कटाव का यह सिलसिला प्रतिवर्ष बरसात में हो रहा है। न्याय पंचायत उतिर्छा के लिए पूर्व में विद्युत आपूर्ति के लिए स्थापित विद्युत पोल नदी में समा गए थे। ग्रामीणों की ओर से खोह नदी से हो रहे भू-कटाव रोकने के लिए पुख्ता प्रबंध करने की मांग की जा रही है। ग्रामीण सतीश नेगी, वरुण नेगी, विवेक नेगी आदि का कहना है कि भू-कटाव रोकने के लिए विभाग की ओर से योजना तैयार की जानी चाहिए।
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इस संबंध में सिंचाई विभाग के एसडीओ कुलदीप पाल ने बताया कि गांव में खोह नदी से हो रहे भू-कटाव को रोकने के नए सिरे से योजना तैयार की जा रही है। उसे बजट स्वीकृति के लिए राज्य सेक्टर में भेजा जाएगा।
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