विभागीय बैठकों में उपस्थिति और श्रम कानूनों को लागू कराना बना चुनौती
कोटद्वार। सहायक श्रमायुक्त कार्यालय में कर्मचारियों का टोटा बना है। स्थिति यह है कि कार्यालय दो संविदा लिपिकों व दो चतुर्थ कर्मियों के भरोसे चल रहा है। कार्यालय में प्रशासनिक अधिकारी की सेवानिवृत्ति के बाद अभी नियुक्ति नहीं हुई है। सरकार जनता के द्वार समेत अन्य सरकारी शिविरों व एक साथ कई ब्लॉकों में बैठकें होने की दशा में विभागीय अधिकारी, कर्मचारी की उपस्थिति दर्ज कराना व श्रम कानूनों को लागू करना चुनौती बना है।
वर्ष 2017 में पौड़ी जनपद के अंतर्गत कोटद्वार में सहायक श्रमायुक्त कार्यालय खोला गया। श्रम कार्यालय में कर्मचारियों की तैनाती नहीं होने के कारण संविदा कर्मियों की तैनाती की गई लेकिन बाद में उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। वर्तमान में सहायक श्रमायुक्त के पास पौड़ी के अलावा रुद्रप्रयाग व चमोली जनपद का कार्यभार भी है।
वहीं, श्रम प्रवर्तन अधिकारी की तैनाती तो है लेकिन वह भी वर्तमान में मेडिकल लीव पर चल रहे हैं। मई, 2025 में प्रशासनिक अधिकारी कमल कुमार की सेवानिवृत्ति के बाद उनके स्थान पर नई तैनाती नहीं हो पाई है। स्थिति यह है कि कार्यालय दो संविदा लिपिकों व दो स्थायी चतुर्थ कर्मियों के भरोसे संचालित हो रहा है। कर्मचारियों की कमी के कारण विभागीय बैठकों के साथ ही सरकारी कार्यक्रमों, शिविरों में विभागीय अधिकारी व कर्मचारी की उपस्थिति चुनौतीपूर्ण बना है।
29,000 श्रमिक है कोटद्वार कार्यालय में पंजीकृत
श्रम विभाग में जिले में पूर्व में जहां 39,000 श्रमिक पंजीकृत थे वहीं वर्तमान में 29,000 हैं। जनपद के सभी ब्लॉकों के श्रमिकों को श्रम विभाग की योजनाओं का लाभ लेने और समस्याओं के निराकरण के लिए कोटद्वार ही आना पड़ता है। अधिकारियों की अनुपस्थिति में दूरदराज से आए श्रमिकों को बैरंग लौटने को मजबूर होना पड़ता है। अधिकारियों को भी साप्ताहिक बंदी से लेकर श्रम कानूनाें का पालन करवाने, श्रमिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने, योजनाओं का लाभ दिलाने और मजदूरों की समस्याओं का निराकरण करना पड़ता है।
किराये पर हो रहा संचालित
वर्ष 2017 में कोटद्वार में खुले सहायक श्रमायुक्त कार्यालय का अपना कार्यालय भवन भी नहीं है। स्थिति यह है कि कार्यालय किराए के भवन में संचालित हो रहा है। शुरुआत में कार्यालय तहसील के भवन में संचालित हुआ। इसके बाद कार्यालय को जीएमटी भवन, उसके बाद बदरीनाथ मार्ग पर संचालित किया गया। वर्तमान में कार्यालय का संचालन कालाबड़ में किराये के भवन में संचालित किया जा रहा है।
कर्मचारियों की स्थिति के संबंध में शासन को अवगत कराया जा चुका है। कार्यालय का ढांचा शासन से ही निर्धारित होता है। कार्यालय भवन के लिए अभी तक शासन से कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। - शैलेश सती, सहायक श्रमायुक्त पौड़ी गढ़वाल।