फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kotdwar News: स्लैब तोड़कर लोहे के जाल बनवाकर रास्ता बनाएं दुकानदार

Fri, 19 Jun 2026 07:29 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
विज्ञापन
विज्ञापन
मानसून से पहले नगर निगम हरकत में आया, निकासी नालियों के स्लैब हटाए
विज्ञापन

विभागों के बीच समन्वय नहीं होने से लोग हो रहे हैं परेशान
कोटद्वार। मानसून सत्र को देखते हुए नगर निगम हरकत में आ गया है। जलभराव और मलबे की सफाई में आड़े आने वाली निकासी नालियों के स्लैब हटाने का सिलसिला जारी है। स्लैब तोड़कर संबंधित दुकानदारों और भवन स्वामियों से लोहे के जाल बनवाकर आवाजाही का रास्ता बनाने का फरमान जारी कर दिया गया है। आए दिन निकासी नालियों के स्वरूप में हो रहे परिवर्तन से लोग भी हैरान हैं। विभागों में समन्वय की कमी के कारण इसका खामियाजा आम लोगों को उठाना पड़ रहा है।
बीते 10 साल में शहर से लेकर ग्रामीण सड़कों के किनारे बनाई गई निकासी नालियों में लोनिवि ने कई परिवर्तन कर डाले हैं। देवी रोड पर लालबत्ती से लेकर सुखरो नदी तक लंबी चौड़ी दाई खोह नहर को भूमिगत कर उस पर सड़क बना डाली। इसके बाद बरसाती पानी की निकासी की समस्या आई तो गहरी नालियां बनवा दी। दुकानदारों और भवन स्वामियों ने इन नालियों में आने जाने के लिए के लिए स्लैब डलवा दिए।
विज्ञापन

गहरी नालियों में भी जब सफाई ठीक से नहीं हुई तो आनन-फानन में स्लैब तोड़कर मलबा निकाला गया। तोड़े गए स्लैब की जगह अब लोहे के जाल डलवाने का फरमान जारी कर दिया गया। तय हुआ कि नालियों पर स्लैब नहीं डाले जाएंगे। देवी रोड पर पनियाली पुलिया से लेकर पदमसिंह बिल्डिंग तक पहले बनी गहरी नालियों को पाटकर छोटी नालियां बरसाती पानी के लिए बना दी गई। इसमें भी नियमित सफाई न होने से कचरा भरा पड़ा है।
यही हालात दुर्गापुर बाजार और जशोधरपुर क्षेत्र के भी बने हुए हैं। पूर्व जिला पंचायत सदस्य बलदेव सिंह का कहना है कि बाजार की निकासी नाली को पहले भूमिगत कर दिया गया। इसके बाद लोनिवि ने टाइल्स डालकर फुटपॉथ बना दिया। अब नगर निगम को नाली की सफाई की याद आई तो फुटपाथ खुदवा दिया। परेशानी हर हाल में आम जनता को ही होनी है।
विज्ञापन


दुर्गापुर बाजार समेत सड़कों के किनारे बरसाती पानी की निकासी के लिए नालियों को खोलने और मलबा हटाने का काम चल रहा है। निकासी नालियों को भूमिगत नहीं किया जाना चाहिए। इससे सफाई में परेशानी होती है।
-अजय अष्टवाल, एसएनए नगर निगम
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें