सिद्धपीठ देवी मंदिर सुखरो में चल रही शिव महापुराण कथा भंडारे के साथ संपन्न हो गई। राज्य आंदोलनकारी सुधा सती की स्मृति में चल रही कथा के अंतिम दिन आचार्य राकेश लखेड़ा ने कहा कि संयमित रहते हुए धर्म के मार्ग पर चलने वाला व्यक्ति ही जीवन में खुश रह सकता है। मनुष्य के चार प्रमुख सदगुण विवेक, संयम, धैर्य और न्याय हैं। इनका पालन करने वाला मनुष्य सदा सुखी रहता है। इसके विपरीत जीवन यापन करने वाला व्यक्ति भले ही बाहर से कितना ही सुखी दिखे, लेकिन उसकी आत्मा दुखी रहती है। इंद्रियों को वश में रखना जरूरी है। इस मौके पर कथा आयोजक हरीश सती, मनीष सती, उर्मिला देवी, जनार्दन ध्यानी, विजय लखेड़ा, शंकर दत्त गौड़, दिनेश ध्यानी, श्रीकांत नौगाईं, माया राम पुरोहित, सरोज रावत, निर्मला नैथानी, मुन्नी काला आदि मौजूद रहे।